अर्जुन रौतेला आगरा। मथुरा रोड स्थित ग्राम सिंगना के आगरा ट्रेड सेंटर में चल रहे 17वें ‘मीट एट आगरा’ फुटवियर मेले का दूसरा दिन जोश, नवाचार और नई संभावनाओं से भरपूर रहा। देशभर से आए 6,922 से अधिक विजिटर्स ने इस आयोजन में भाग लिया। इनमें 3,140 ट्रेड विजिटर्स और बड़ी संख्या में छात्र व नवोदित उद्यमी शामिल रहे।
मुख्य अतिथि एफडीडीआई (FDDI) के प्रबंध निदेशक श्री विवेक शर्मा ने सेमिनार में कहा “भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में है। ऐसे समय में युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। देश को ऐसे युवा चाहिए जो नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।” उन्होंने आगे कहा कि एफडीडआई केवल एक शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि ‘उद्यमिता का विद्यालय’ है, जो विद्यार्थियों को उद्योग का हिस्सा बनने की प्रेरणा देता है।
एफमेक (AFMEC) के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा “यह मेला उद्योग जगत की जीवंतता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदर्शकों और खरीदारों दोनों में जिस ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है, वह फुटवियर सेक्टर के उज्जवल भविष्य का संकेत है।”
उन्होंने बताया कि मीट एट आगरा ने न केवल फुटवियर क्षेत्र, बल्कि टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर सेक्टर के उद्यमियों को भी नए अवसरों से जोड़ा है।
इस अवसर पर डीसीएफएलआई के चेयरमैन और एफमेक के पूर्व अध्यक्ष पूरन डावर, उपाध्यक्ष राजेश सहगल, राजीव वासन, और महासचिव प्रदीप वासन ने भी उद्यमियों को संबोधित किया।
पूरन डावर ने कहा “भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक देश है। अब हमारा लक्ष्य इसे निर्यात की शक्ति बनाना है। आगरा, कानपुर और दक्षिण भारत के क्लस्टर्स इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।” कार्यक्रम का संचालन सीफी (CIFI) के प्रदेश महासचिव नकुल मनचंदा ने किया।
*बाइंग एजेंट्स का हुआ सम्मान — ‘मीट एट आगरा’ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मान्यत
विश्वभर में भारतीय फुटवियर निर्यात को प्रोत्साहित करने वाले बाइंग एजेंट्स को पहली बार सम्मानित किया गया।
सम्मानित व्यक्तियों में रवीश पिप्पल, सचित कुमार, वरुण कोचर, संजय तिवारी, पुलकित निझावन, ध्रुव महाजन, दिव्यांशु मित्तल, दलजीत सिंह, मुकेश गोस्वामी, पवन शर्मा, इकराम अहमद, सौरव गौतम, वेद प्रकाश यादव, पंकज यादव और एल.के. चाहर शामिल रहे। बाइंग एजेंट रवीश पिप्पल ने कहा —“‘मीट एट आगरा’ अब सिर्फ एक ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि फुटवियर इंडस्ट्री का ग्लोबल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म बन गया है। यहां भारतीय उत्पादकों की गुणवत्ता देखकर विदेशी खरीदार प्रभावित हैं।” 
दूसरे दिन आयोजित वित्तीय सत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और ईसीजीसी के विशेषज्ञों ने भाग लिया। एसबीआई की ओर से प्रभाकर पांडे (ट्रेजरी मार्केटिंग हेड) और पुनीत शर्मा (एजीएम-एसएमई) ने बताया “SBI ने MSME के लिए कई ऐसी स्कीमें शुरू की हैं जो बिना किसी जटिल प्रक्रिया के उद्यमियों को तुरंत पूंजी उपलब्ध कराती हैं।”
पीएनबी के डीजीएम अमित ग्रोवर ने कहा “हम उद्योग जगत के साथ साझेदारी कर मेड इन इंडिया को सशक्त बना रहे हैं। MSME सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने में बैंकिंग सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” आईसीआईसीआई बैंक के सिद्धार्थ ऋषभ और ईसीजीसी के रोहन धारनिक ने निर्यातकों को क्रेडिट गारंटी और बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इंडिया फैक्टरिंग के रिलेशनशिप मैनेजर अनुज कुमार ने बताया “फैक्टरिंग सेवा से छोटे उद्योग अपने बकाया बिल तुरंत नकदी में बदल सकते हैं, जिससे उत्पादन में रुकावट नहीं आती और उद्योगों की वित्तीय स्थिति मज़बूत होती है।”
भविष्य निधि के श्रवण कुमार मिश्रा ने Provident Fund पर आयोजित सत्र में विशेषज्ञों ने श्रमिक कल्याण, कानूनी अनुपालन और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

राजेश सहगल (एफमेक उपाध्यक्ष) ने कहा “इस आयोजन ने हमें एक मंच पर लाकर नीति, उत्पादन और विपणन—तीनों स्तरों पर सहयोग बढ़ाया है।” राजीव वासन (एफमेक पदाधिकारी) ने कहा “आगरा अब केवल फुटवियर का हब नहीं, बल्कि इनोवेशन कैपिटल बन रहा है।”
प्रदीप वासन (महासचिव, एफमेक) ने कहा “मीट एट आगरा का हर संस्करण पहले से बड़ा, संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हो रहा है।
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