9/11/2025 सूरत
गुजरात प्रदेश सुरत जिला के अंतर्गत माडवी–मांगरोल तालुका के गाँवों (करंज, तडकेश्वर, लीमोद्रा, हरियाल आदि) में स्थित एल्यूमिनियम–रबर कंपनियों द्वारा पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाने के फलस्वरूप मछलियों सहित जीव–जंतुओं की मृत्यु, जलस्रोतों–भूमि–स्वास्थ्य को हुए नुकसान और हमारी दिनांक 09/06/2023 की प्रस्तुति पर तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई किए जाने के संबंध में।
हमारी दिनांक 09/06/2023 की प्रस्तुति, जिसमें सूरत जिले के मंडवी एवं मांगरोल तालुका के करंज, तडकेश्वर, लीमोद्रा, हरियाल सहित अन्य गाँवों में विभिन्न कंपनियों द्वारा पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर अत्यधिक प्रदूषण फैलाने, जिससे कृषि योग्य भूमि, जलस्रोतों एवं स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुँच रही है — इस बाबत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने हेतु निवेदन किया गया था।
उपरोक्त विषय एवं संदर्भानुसार, हमें स्थानीय निवासियों, किसानों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त लिखित एवं मौखिक आवेदन के आधार पर निवेदन करना है कि सूरत जिले के मंडवी एवं मांगरोल तालुका के अंतर्गत करंज, तडकेश्वर, लीमोद्रा, हरियाल और आसपास के क्षेत्रों में स्थित कुछ कंपनियों द्वारा पर्यावरणीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन, जहरीले रसायनों से प्रदूषण, जल–भूमि–वायु प्रदूषण फैलाने तथा स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य, कृषि और जलस्रोतों को अपूरणीय क्षति पहुँचाने का गंभीर मामला सामने आया है। जैसे कि–
• ऐसा प्रतीत होता है कि कंपनियां GPCB द्वारा जारी “कंसेंट टू ऑपरेट (CTO)” तथा Water Act, Air Act और Environment Protection Act के नियमों का पूर्णतः उल्लंघन कर रही हैं।
• कई कंपनियां बिना किसी प्रकार के ETP/STP (Effluent Treatment Plant) के, जहरीला रासायनिक अपशिष्ट–जल हरियाल खाड़ी, नदियों, तालाबों एवं कृषि–भूमि में बहा रही हैं — ऐसी शिकायतें स्थानीय किसानों द्वारा लगातार की जा रही हैं।
इससे इस क्षेत्र का भूजल रासायनिक प्रदूषण का शिकार हो रहा है, और किसान विवश होकर इसी प्रदूषित जल का उपयोग सिंचाई हेतु कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप फसलें नष्ट हो रही हैं, उपज की गुणवत्ता घट रही है तथा किसानों की आय में भारी गिरावट आ रही है।
• हाल ही में कंपनियों द्वारा अत्यंत जहरीला रसायन युक्त अपशिष्ट जल सीधे हरियाल खाड़ी, नदियों और तालाबों में छोड़े जाने से मछलियों सहित जल–जीवों की मृत्युएं हुई हैं। यदि यही पानी मनुष्यों या पशुओं के द्वारा पीने में आ जाता, तो जान–माल का भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। यह एक दंडनीय अपराध है, अतः तत्काल कड़ी कार्रवाई अपेक्षित है।
अतः, आपसे निवेदन है कि निम्नलिखित कार्रवाई तत्काल की जाए:**
• मंडवी तालुका स्थित जीआईडीसी एवं आसपास के क्षेत्रों की नहरों, खाड़ी सहित अन्य जलाशयों की तत्काल जांच कर, प्रदूषण के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कराया जाए।
• मंडवी तालुका स्थित जीआईडीसी एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में नदियों, तालाबों, नहरों एवं खाड़ियों से नियमित जल–नमूने (सैंपल) लेकर परीक्षण किया जाए तथा यदि किसी औद्योगिक इकाई द्वारा बिना उपचारित (Un–treated) रसायन युक्त अपशिष्ट जल जलाशयों में छोड़ा जा रहा हो, तो ऐसी इकाइयों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
• पुनरावृत्ति रोकने हेतु उक्त क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग एवं जन–जागरूकता अभियान चलाया जाए।
• प्रभावित क्षेत्रों के जलाशयों (तालाब, नहर, खाड़ी आदि) की सफाई एवं पुनर्वास (Restoration) की व्यवस्था की जाए।
• जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि स्थानीय निवासियों को उपलब्ध कराई जाए।
• गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरती गई हो — ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर जवाबदेही तय करते हुए अनुकरणीय (Example–setting) कार्रवाई की जाए।
अतिरिक्त रूप से निवेदन है कि हमारी दिनांक 09/06/2023 की प्रस्तुति के बावजूद अब तक न तो कोई जांच, न नमूना संग्रहण, और न ही कोई ठोस कार्रवाई होने की जानकारी हमें प्राप्त हुई है।
अतः, पर्यावरण एवं जैव–विविधता की सुरक्षा के हित में उपरोक्त प्रकरण में तत्काल, प्रभावी एवं सकारात्मक कार्रवाई अपेक्षित हो टी यन न्यूज २४ आवाज जुर्म के खिलाफ सूरत से संवाददाता राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879 855419
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