आरबीएस कॉलेज, बिचपुरी परिसर में चल रहे धरना प्रदर्शन की मांगों का कॉलेज मैनेजमेंट ने दिया बिंदुवार जवाब

अर्जुन रौतेला आगरा। जैसा कि आप अवगत है कि जनपद आगरा में आर०बी०एस० कालेज_शैक्षणिक संस्थान का एक गौरवशाली इतिहास है और यह शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 1885 से महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आर०बी०एस० कालेज देश में स्थापित कानून और स्थापित नियमों / प्रावधानों के तहत संचालित हो रहे हैं। आर०बी०एस० कालेज, बिचपुरी परिसर में चल रहा धरना प्रदर्शन उ०५० में आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर अपने अपने निजी स्वार्थ में राजनैतिक एजेण्डे के तहत चंद असमाजिक लोगों के द्वारा संचालित किया जा रहा है। राजनैतिक स्वार्थ की पूर्ति हेतु की जा रही कथित मांगों के निस्तारण का विष्य भी कॉलेज प्रशासन से सम्बन्धित नहीं है। परिसर में चल रहा धरना प्रदर्शन का संयोजक प्रधान संगठन का ब्लॉक बिचपुरी आगरा का स्वयंभू अध्यक्ष है तथा उराका सहयोग कर रहे चंद लोग धरना प्रदर्शन के नाम पर उत्पीडन करने के अभ्यस्त लोग है, जिनकी समाज में आम शौहरत भी धरना प्रदर्शन के नाम पर आजीविका बलाने वाले असमाजिक तत्वों की है। धरना प्रदर्शन करने वालों की अनैतिक विधिविरुद्ध मांगो के प्रार्थनापत्र दिनांक 17.11 2025 में उल्लेखित मांगों के सम्बन्ध में बिन्दुबार अवगत निम्नवत् कराना है-

1 धरना प्रदर्शन करने वालों की मांग का बिन्दु 1- “सोसायटी में सन् 1998 में किये गये संसोधन से पूर्व बायोलॉज के अनुसार संस्थाओं के संचालित करने की व्यवस्था बहाल कराने बावत्।”

उल्लेखित मांगों के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि शैक्षणिक संस्थान का संचालन करने वाली का संचालन संस्था के पंजीकरण दिनांक को पंजीकृत विधान से ही हो रहा है। उ०प्र० में शिक्षण संस्थानों का सचालन विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अधीन पारित एक्ट में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत गठित प्रबन्ध समिति के द्वारा ही संचालित किया जाता है।

2. धरना प्रदर्शन करने वालों की मांग का बिन्दु 2-” मृतक आश्रितों को नौकरी दिलाने व कॉलेज से अवैधानिक एवं अनियमित रूप से इजी० कैम्पस से निकाले गये कर्मचारियों को बाहाल कराने हेतु।”

उल्लेखित मागों के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि उ०प्र० में शिक्षण संस्थानों में किसी की नियुक्ति, अनुकम्पा नियुक्ति, मृतक आश्रित नियुक्ति, निष्कासन, निलम्बन, आदि की प्रक्रिया एक्ट में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत निर्धारित है तथा सभी कर्मचारी / शिक्षकों को एक्ट में निहित प्रावधानों के तहत कानूनी संरक्षण भी प्रदान है।

3. धरना प्रदर्शन करने वालों की माग का बिन्दु 3-” माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं राज्य सरकार द्वारा जारी किये गये निर्णय एवं आदेशों के पालन करवाने हेतु।”

उल्लेखित मांगों के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि किसी भी न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा हो, तो उसके विरूद्ध अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है और यदि राज्य सरकार द्वारा जारी किये गये निर्णय एवं आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा हो, तो उसके विरूद्ध भी कार्यवाही करने हेतु सरकार स्वयं सक्षम प्राधिकारी है।

4. धरना प्रदर्शन करने वालों की मांग का बिन्दु 4-” क्षेत्रीय जनता एवं जिन गांवों के किसानों की जमीन सन् 1949-50 में तत्कालीन जिलाधिकारी आगरा श्री जगमोहन रैना एवं आर० बी० एस० कॉलेज के प्रचार्य आर०के० सिंह जी के द्वारा जमीन अधिग्रहण के समय किसानों के साथ किये गये समझौता के अनुरूप उन किसानों के परिवारों के सदस्यों को कॉलेज की शिक्षा एवं नौकरी में वरीयता देने एवं क्षेत्रीय छात्रों एवं जिन कृषकों की जमीन अधीकृत की गई थी उनको कॉलेज की शिक्षा में प्रवेश हेतु 17 अंको का अतिरिक्त बैटेज देने हेतु।”

उल्लेखित मांगों के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि कालेज प्रशासन ने भूमि खरीदी है। सन् 1949-50 में किसानों के परिवारों के सदस्यों को कॉलेज की शिक्षा एवं नौकरी में वरीयता देने का कोई समझौता हो ही नहीं सकता, क्योंकि नियुक्ति के लिये सरकार द्वारा प्रकिया समय समय पर कानून के अनुसार निर्धारित होती रही है। शिक्षा एवं नौकरी में वरीयता देने का विषय कालेज प्रशासन के क्षेत्राधिकार में नहीं है। छात्र एवं छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया भी विश्वविद्यालय के नियमोपार्जन के अन्तर्गत संचालित है। जिसमें किसी प्रकार की शिथिलता का विषय भी कालेज प्रशासन के क्षेत्राधिकार में नहीं है। छात्रों को प्रवेश में कृपांक का विषय विश्वविद्यालय प्रशासन के क्षेत्राधिकार से सम्बन्धित है। वर्ष 1949-50 में हुये किसी भी कथित समझौते का पालन कानून में स्थापित प्रक्रिया के तहत सक्षम न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जा सकता है।

5. धरना प्रदर्शन करने वालों की मांग का बिन्दु 5-” बलवन्त एजुकेशनल सोसायटी के बायलॉज अनुसार पूर्व छात्र के रूप में गाँव अंगूठी के किसी एक पूर्व छात्र को समिति में सदस्य मनोनित करने हेतु।”

उल्लेखित मांगों के बिन्दु 5 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि सोसाइटी अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत विधान में गाँव अंगूठी के किसी एक पूर्व छात्र को समिति में सदस्य मनोनीत करने का प्रावधान ही नही है। गाँव अंगूठी के ही छात्र को वरीयता देने की मांग का ना तो कोई विधिाक औचित्य है, और ना ही जक्त माग कानून सम्मत है।

6. धरना प्रदर्शन करने वालों की मांग का बिन्दु -” बलवन्त एजुकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यों को पूर्ण अधिकार पूर्व की तरह वापिस किये जाये।”

वर्ष 1885 में शिक्षण संस्थान स्थापित हुआ है एवं समय समय पर देश/प्रदेश में लागू कानून के अनुसार शिक्षण संस्थान स्थापित हुये है। उपरोक्त कानून में प्राचार्यों को अधिकार प्राप्त है। सोसायटी द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यों को पूर्व की तरह पूर्ण अधिकार वापिस किया जाने का विषय केन्द्र/राज्य की सरकार से सम्बन्धित है। वर्तमान में शिक्षण संस्थान का प्रशासन एक्ट में निर्धारित प्रावधानों के अन्तर्गत सुनिश्चित किया जाता है।

धरना प्रदर्शन करने वालों की उपरोक्त मांगें किसी सामाजिक व क्षेत्रीय समस्या के निदान/हित से कोई सम्बन्ध व सरोकार नहीं रखती है।

यह भी अवगत कराना है कि डा० भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने कालेज के विधपुरी परिसर को 45 कॉलेजों का नोडल सेन्टर बना रखा है। परीक्षा नियमों के तहत 200 मीटर के दायरे में कोई भी बाहरी व्यक्ति मौजूद नहीं हो सकता है। धारा 144 लागू है, प्रदर्शनकारी इस नियम का उल्लंघन कर रहे है, जिसका संज्ञान प्रशासन द्वारा लिया गया है। यहाँ यह भी अवगत कराना है कि वर्तमान में विद्यालय में परीक्षायें संचालित है। शिकायतकर्ता राजनैतिक एवं व्यक्तिगत ऐजेण्डा चला रहे है, आगामी पंचायत चुनाव के चलते अपनी सक्रियता को दर्शाने को धरना प्रदर्शन कर शान्ति व्यवस्था को प्रभावित कर रहे है।

कालेज / विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा राजनैतिक एवं व्यक्तिगत ऐजेण्डा के तहत धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिये जिला प्रशासन / पुलिस प्रशासन से निरन्तर अनुरोध किया जा रहा है। किन्तु प्रदर्शनकारी शैक्षणिक बातावरण को प्रभावित कर रहे है। यदि प्रदर्शनकारियों को शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने की खुली छूट मिलेगी. तो कालेज प्रशासन सोमवार से परीक्षाओं को स्थगित करेगा तथा धरना प्रदर्शन के नाम पर उत्पीडन कर आज चलाने वाले असमाजिक, अपराधिक व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही होने तथा शैक्षणिक वातावरण के बहाल होने तक स्वयं धरना करेगा।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461

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gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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