गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
पुरे देश में पूर्णिमा के दिन ग्रहण होने के कारण होलिका दहन कब किया जाए, इस विषय पर कई मत–मतांतर हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तीन मार्च के दिन ग्रहण होने के कारण बड़े पैमाने पर मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं ने दो मार्च को ही होलिका दहन करने का निर्णय लिया है।
ऋषि वेद पाठशाला के आचार्य डॉ. अशोक जोशी ने बताया कि 2 मार्च की शाम 5:30 बजे के बाद पूर्णिमा शुरू हो रही है, इसलिए उसी दिन होलिका दहन किया जा सकता है।
होलिका दहन के लिए 6:43 पहला और शुभ मुहूर्त है, जबकि दूसरा मुहूर्त 7:20 का है। 3 मार्च को ग्रहण होने के कारण 4 मार्च को धुलेंटी मनाई जाएगी।
हर साल की तुलना में इस साल वैदिक होली के लिए लोगों में जागरूकता अधिक है। सुरत शहर में 10,000 से ज्यादा स्थानों पर छोटी-बड़ी होली जलाई जाएंगी, जिनमें से एक हजार से अधिक वैदिक होली केवल गाय के उपलों और लकड़ी से ही जलाई जाएंगी।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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