गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
हजीरा औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक शोषण व श्रम क़ानूनों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की मांग
सूरत ज़िले के चोर्यासी तालुका स्थित हजीरा औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय नागरिकों कोअस्थाई रोजगार न देने, ठेका श्रमिकों के व्यापक शोषण तथा श्रम क़ानूनों के खुले उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के महामंत्री श्री दर्शन कुमार ए. नायक द्वारा राज्य के श्रम विभाग, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा निदेशालय, श्रम आयुक्त तथा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को लिखित शिकायत देकर तत्काल जाँच और कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में बताया गया है कि सरकार द्वारा भूमि आवंटन एवं परि पत्रों के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों में 80–85% स्थानीय नागरिकों को अस्थाई रोजगार देने का प्रावधान है, किंतु वर्षों से इसका पालन नहीं किया जा रहा। इसके विपरीत, बड़ी संख्या में श्रमिकों को ठेके पर रखकर उनसे 12 घंटे काम लेकर केवल 8 घंटे का वेतन दिया जा रहा है और नियमानुसार देय ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा।
हजीरा क्षेत्र की कुछ प्रमुख इकाइयों—जिनमें AM/NS (ArcelorMittal Nippon Steel) तथा Larsen & Toubro के ठेकों पर कार्यरत श्रमिक शामिल हैं—में हाल ही में हुए आंदोलनों से यह स्थिति उजागर हुई है। शिकायत के अनुसार न्यूनतम वेतन, P F, E S I, ग्रेच्युटी, समय पर वेतन भुगतान, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षण तथा बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों के लिए आवास व्यवस्था जैसे प्रावधानों का भी व्यापक उल्लंघन हो रहा है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि कई औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक 20–25 वर्षों से ठेके पर काम कर रहे हैं, फिर भी उन्हें अस्थाई नहीं किया गया और “समान काम–समान वेतन” के सिद्धांत का उल्लंघन जारी है। साथ ही, फैक्ट्री इंस्पेक्टर, लेबर ऑफिसर, P F/E S I इंस्पेक्टर जैसे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण व प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण अ नियमितताएँ बढ़ रही हैं।
मुख्य मांगें:
1. हजीरा क्षेत्र की सभी औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय नागरिकों को 80–85% अस्थाई रोजगार सुनिश्चित किया जाए।
2. ओवरटाइम, समय पर वेतन, न्यूनतम वेतन, P F/E S I/ग्रेच्युटी, सुरक्षा प्रशिक्षण और आवास संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
3. ठेका श्रमिकों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
4. लंबे समय से ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को अस्थाई करने हेतु तत्काल कदम उठाए जाएँ।
5. स्थल पर तत्काल जाँच कर दोषी कंपनी, ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
6. जाँच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति ने चेतावनी दी है कि यदि श्रमिकों के हित में शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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