नई दिल्ली / तिरुवनंतपुरम
पूज्य महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने शुक्रवार को बयान दिया कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरोध में अपने वक्तव्यों पर कायम हैं और वे अपने बयान वापस नहीं लेंगे तथा इसके लिए माफी भी नहीं मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि RSS और BJP दोनों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है, क्योंकि उन्होंने जो कहा है, उस पर वे दृढ़ हैं।
तिरुवनंतपुरम में दिवंगत गांधी वादी पी. गोपी नाथन नायर की प्रतिमा के अनावरण के दौरान तुषार गांधी ने RSS और BJP को “खतरनाक और कपटी शत्रु” बताया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने RSS की तुलना “जहरीले संगठन” से भी की थी। इस घटना के बाद RSS और BJP के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और तुषार गांधी की कार को रोकने की भी घटना सामने आई।
कोच्चि में दिए गए अपने बयान में तुषार गांधी ने कहा कि “ये घटनाएं नफरत के एजेंडे को बढ़ावा देने की साजिश को और मजबूत करती हैं। यह एक ऐसी लड़ाई है जो आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है। अब हमें संघ को एक दुश्मन के रूप में पहचान कर उसका मुकाबला करना होगा।”
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “मुझे डर है कि मेरे परदादा के हत्यारों के वंशज महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास जाएंगे और उस पर गोलियां चलाएंगे, क्योंकि यही उनकी मानसिकता है।”
वहीं BJP के नेता और भूतपूर्व प्रधान वी. मुरली धरन ने आरोप लगाया कि तुषार गांधी लंबे समय से गांधीजी के नाम का उपयोग आर्थिक लाभ के लिए कर रहे हैं, इसलिए उनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
संवाददाता टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ
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