गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सूरत महा नगर पालिका में तंबाकू नियंत्रण को लेकर दोहरी नीति आखिर क्यूं
सूरत शहर में एक अजीब और चिंताजनक स्थिति उत्पन है। एक तरफ सूरत महानगरपालिका द्वारा तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत 138 लोगों से ₹27,600 का दंड वसूला गया है, वहीं दूसरी तरफ पूरे शहर में विमल और केसर युक्त विमल जैसे उत्पादों के पोस्टर और होर्डिंग्स खुलेआम लगे हुए दिखाई दे रहे हैंआख़िर कीव सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सूरत की जनता को क्या संदेश दिया जा रहा है?
एक ओर प्रशासन तंबाकू के उपयोग को गलत बताते हुए आम नागरिकों पर जुर्माना लगा रहा है, और दूसरी ओर शहर की बसों, होर्डिंग्स और सड़कों पर उसी तंबाकू उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से विरोधाभासी और दोहरे मापदंड (डबल स्टैंडर्ड) को दर्शाती है।
सत्ताधारी बड़े नेताओं को भले ही यह बात नजर न आए, लेकिन जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त और वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे कानून की गंभीरता को समझते हुए इस विषय पर ठोस कदम उठाएं।
यदि वास्तव में तंबाकू नियंत्रण को प्रभावी बनाना है, तो केवल आम नागरिकों से जुर्माना वसूलना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ-साथ शहर में तंबाकू और गुटखा उत्पादों के विज्ञापनों पर भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अन्यथा जनता यह सवाल पूछने को मजबूर होगी कि क्या कानून केवल आम आदमी के लिए है, या बड़ी कंपनियों पर भी समान रूप से लागू होता है?
अब समय आ गया है कि या तो जनता जागरूक होगी, या प्रशासन को जागना पड़ेगा।
सूरत की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है। प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से ले लिया जाए और विज्ञापन के पोस्टरों को जगह जगह से हटाया जाए
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 987985541
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