गुजरात सरकार द्वारा शिक्षा में पहली कक्षा से 10वीं तक सरकारी स्कॉलरशिप के लिए जो निर्णय लिया है कि अब ये शिक्षावृति सिर्फ़ गुजराती पिता के परिवार को ही मिलेगी ये निर्णय ग़लत है ।
आज गुजरात में अलग अलग राज्यो से आये परिवार जो गुजरात को अध्योगिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सर्वाधिक आर्थिक रूप से गुजरात सरकार को मज़बूत कर रहे है और सबसे ज़्यादा टैक्स अदा कर गुजरात मॉडल को बनाने में योगदान दिये है । शिक्षा जो सभी नागरिकों का अधिकार है शिक्षा में भेद भाव का निर्णय ग़लत है ।
गुजरात सरकार का शिक्षा का बजट भी 11% से घटकर 4% हो गया है,नॉन ग्रांटेड स्कूल और सेल्फ फाइनेंस कॉलेज बहुत बढ़ गई है, जिससे गुजरात सरकार का रुपया भी बच रहा है,तो शिक्षा के लिए सभी गुजरात को कर्मभूमि बना कर गुजरात को आगे बढ़ा रहे है इसलिए शिक्षावृति सभी को देना चाहिए,सभी को मुफ्त शिक्षा नागरिक का अधिकार है। इसलिए सरकारी निर्णय में बदलाव करे एवम् प्रत्येक छात्रों को प्रोत्साहित कर सभी ग़रीब – मध्यम और सभी वर्गों के परिवार को लाभ मिले तो ही गुजरात की ख़ूबसूरती है टी एन न्यूज २४ आवाज जुर्म के खिलाफ सूरत से राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट स्थानीय समाचार और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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