**सेमरा में जमीन बाउंड्री विवाद, प्रशासन ने रुकवाया निर्माण कार्यतालाब होने के दावे पर उठा विवाद, नए नक्शे के बाद होगी दोबारा पैमाइश**
खंदौली (आगरा)। थाना खंदौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेमरा में जमीन की बाउंड्री कराए जाने को लेकर उस समय विवाद उत्पन्न हो गया, जब ग्रामीणों ने संबंधित भूमि को पूर्व में तालाब की भूमि बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर बाउंड्री कराई जा रही है, वह पहले तालाब के रूप में दर्ज थी और उस पर किसी भी प्रकार का निर्माण नियमों के विरुद्ध है।
विवाद की सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग के कानूनगो और लेखपाल को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर चारों ओर से जमीन की नाप-जोख की और दोनों पक्षों की बात सुनी। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद फिलहाल बाउंड्री निर्माण का कार्य रोक दिया गया है।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वर्तमान राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह भूमि तालाब के रूप में दर्ज नहीं पाई गई है। कानूनगो के अनुसार जमीन राजस्व रिकॉर्ड में बंजर श्रेणी में दर्ज है और यह भूमि लखन सिंह के नाम अभिलेखों में दर्ज है। हालांकि ग्रामीणों के दावे और आपत्तियों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कार्य रुकवाया है।
अधिकारियों का कहना है कि अब दूसरा नक्शा (पुराना व नवीन अभिलेखों का मिलान) आने के बाद ही दोबारा पैमाइश कराई जाएगी। उसी के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भूमि का वास्तविक स्वरूप क्या है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
वहीं जमीन के खरीदार का कहना है कि उन्होंने यह जमीन ग्राम सेमरा निवासी लखन से वैध रूप से खरीदी है। उनके अनुसार जमीन की खरीद के समय सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई थी और उनके पास रजिस्ट्री सहित पूरे कागजात मौजूद हैं। खरीदार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जब तक नए नक्शे के आधार पर दोबारा पैमाइश नहीं हो जाती, तब तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या बाउंड्री कार्य नहीं कराया जाएगा। पूरे मामले पर राजस्व विभाग की नजर बनी हुई है।
**सेमरा में जमीन बाउंड्री विवाद, प्रशासन ने रुकवाया निर्माण कार्य
तालाब होने के दावे पर उठा विवाद, नए नक्शे के बाद होगी दोबारा पैमाइश**
खंदौली (आगरा)। थाना खंदौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेमरा में जमीन की बाउंड्री कराए जाने को लेकर उस समय विवाद उत्पन्न हो गया, जब ग्रामीणों ने संबंधित भूमि को पूर्व में तालाब की भूमि बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर बाउंड्री कराई जा रही है, वह पहले तालाब के रूप में दर्ज थी और उस पर किसी भी प्रकार का निर्माण नियमों के विरुद्ध है।
विवाद की सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग के कानूनगो और लेखपाल को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर चारों ओर से जमीन की नाप-जोख की और दोनों पक्षों की बात सुनी। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद फिलहाल बाउंड्री निर्माण का कार्य रोक दिया गया है।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वर्तमान राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह भूमि तालाब के रूप में दर्ज नहीं पाई गई है। कानूनगो के अनुसार जमीन राजस्व रिकॉर्ड में बंजर श्रेणी में दर्ज है और यह भूमि लखन सिंह के नाम अभिलेखों में दर्ज है। हालांकि ग्रामीणों के दावे और आपत्तियों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कार्य रुकवाया है।
अधिकारियों का कहना है कि अब दूसरा नक्शा (पुराना व नवीन अभिलेखों का मिलान) आने के बाद ही दोबारा पैमाइश कराई जाएगी। उसी के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भूमि का वास्तविक स्वरूप क्या है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
वहीं जमीन के खरीदार का कहना है कि उन्होंने यह जमीन ग्राम सेमरा निवासी लखन से वैध रूप से खरीदी है। उनके अनुसार जमीन की खरीद के समय सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई थी और उनके पास रजिस्ट्री सहित पूरे कागजात मौजूद हैं। खरीदार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जब तक नए नक्शे के आधार पर दोबारा पैमाइश नहीं हो जाती, तब तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या बाउंड्री कार्य नहीं कराया जाएगा। पूरे मामले पर राजस्व विभाग की नजर बनी हुई है।
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