गुजरात प्रदेश के आंगन वाडी कार्यकर्ताओं को सन २०२२ मोबाइल देने के सरकार के वादे को लेकर कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध कहा सरकार अपना वादा पूरा करें

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात प्रदेश के आंगड वाडी कार्यकर्ताओं से सन 2022 से वादा किए जाने के बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन कार्य हेतु मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। वर्ष 2019 में दिए गए मोबाइल पूरी तरह से अनुपयोगी हो चुके हैं, यह तथ्य भी आप भली-भांति जानते हैं।

2022 के बाद पोषण ट्रैकर के साथ-साथ पोषण संगम और एवीटी (AVT) एप्लिकेशन पर भी कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है।

पोषण ट्रैकर में अनेक प्रकार की जान कारियाँ भरनी होती हैं। फेस कैप्चर एप्लिकेशन नियमित रूप से काम नहीं करता, एवीटी एप्लिकेशन तो ठीक से चलता ही नहीं है। इसमें बच्चों की उपस्थिति वास्तविक संख्या से कहीं कम दिखाई जाती है। इसके अतिरिक्त, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पास सक्षम मोबाइल भी नहीं हैं। परिणामस्वरूप उपस्थिति की गणना पूरी तरह गलत होती है। यह अनुभव स्वयं आपको भी है और आप इस स्थिति से अवगत हैं। फिर भी गलत और कम उपस्थिति के आधार पर ही बच्चों के लिए आहार एवं नाश्ता बिल दिए जाने की बात कही जा रही है। ऐसी स्थिति में शेष बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी किसकी होगी?

आप पर राज्य स्तर से स्वाभाविक दबाव होने के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से 100 प्रतिशत ऑनलाइन कार्य की अपेक्षा की जा रही है, जो कि व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।

इस परिस्थिति के कारण आईसीडीएस का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। बच्चों के पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा एवं अन्य गतिविधियों पर ध्यान देने के लिए समय ही नहीं बचता। अधिकांश समय नए-नए एप्लिकेशनों में डेटा एंट्री करने में ही व्यतीत हो जाता है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मानसिक स्थिति पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

यह भी एक सच्चाई है कि लंबे समय से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहा यिकाएँ कम वेतन तथा अन्य बारह से अधिक मांगों को लेकर सरकार से समाधान की मांग कर रही हैं, किंतु अब तक सरकार द्वारा कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।

अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है। छह घंटे में यह समस्त कार्य करना अत्यंत कठिन हो गया है। कम वेतन में अधिक कार्यभार सहन करना अब संभव नहीं है।

 

इन सभी मुद्दों पर कई बार प्रस्तुतियाँ देने के बावजूद जब कोई परिणाम नहीं मिला, तो अंततः यह निर्णय लिया गया है कि दिनांक 5 मार्च या उसके बाद की किसी भी तारीख से सभी प्रकार की ऑनलाइन कार्यवाही नहीं की जाएगी, जिसकी सूचना आपको दी जा रही है।

जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तथा नए मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक ऑनलाइन कार्य नहीं किया जाएगा—यह कृपया संज्ञान में लिया जाए

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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