१४/२/२०२६ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सुरत शहर के उमरा पुलिस थाना क्षेत्र में कल (13 फरवरी) को एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है। जिसमें 26 वर्षीय विवाहित महिला पूनम शाह ने पहले अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र को गला घोंटकर मार डाला और उसके बाद स्वयं भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इस दर्दनाक घटना के पीछे पूनम के पूर्व पति किरण शाह द्वारा किए गए उत्पीड़न और मानसिक त्रास से परेशान होने का परिवार ने आरोप लगाया है। एक हंसते-खेलते बच्चे की हत्या और मां की आत्महत्या की इस घटना से पूरे सूरत शहर में सनसनी फैल गई है और पुलिस फिलहाल इस मामले में आगे की जांच पड़ताल कर कायदे सर कार्यवाही चालू कर दी है
मृतक पूनम पिछले कुछ समय से अपने पीहर में माँ और भाई के साथ रह रही थी। घटना वाले दिन सुबह पूनम का भाई किसी काम से घर से बाहर गया था। सुबह करीब 11 बजे जब वह अपना मोबाइल चार्जर लेने अचानक घर लौटा, तो घर का दृश्य देखते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि उसकी बहन पूनम और उसकी 4 साल की बेटी दोनों पंखे से लटकी हुई हालत में थीं। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिवार जनों का कहना है कि पूनम की आत्महत्या के पीछे ससुराल पक्ष ही जिम्मेदार”
मृतका की माँ द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, पूनम की आत्महत्या के पीछे उसके ससुराल वाले ही जिम्मेदार हैं। पूनम की माँ ने आरोप लगाया है कि उसकी ननद उसे हमेशा ताने मारती थी। घर के सभी फैसले ननद ही लेती थी और सास तथा पति भी उसी की बात मानते थे।
पिछले पाँच वर्षों से पूनम को बार-बार पीहर जाने पर मजबूर होना पड़ता था
पूनम पिछले पाँच वर्षों से लगातार पीहर में रहने को मजबूर थी और उसे बार-बार ससुराल से निकाल कर पीहर भेज दिया जाता था। विवाह के बाद यह बात सभी को पता चल गई थी कि पूनम के पति करण शाह कभी भी अपनी पत्नी का पक्ष नहीं लेते थे। उल्टा, उसी को छोटी-छोटी बातों पर पूनम के साथ झगड़ा करते और मारपीट करते थे। विवाह के पाँच वर्षों के दौरान पूनम को बार-बार मायके भेज दिया जाता था
( प्रेमलक्ष्य की क्रूर अंजाम’)
- पुणे में पाँच साल पहले अहमदाबाद में रहने वाले और कपड़ों की दुकान में नौकरी करने वाले करण शाह के साथ प्रेम संबंध हुआ था। सपनों के साथ शुरू हुआ यह रिश्ता गिनती के दिनों में ही दु स्वप्न बन गया। गर्भावस्था के दौरान भी उसकी उचित देखभाल रखने के बजाय उसे पीजी मॉडल में रहने के लिए मजबूर किया गया। माँ उषा बहन ने रोते-रोते बताया कि मेरी बेटी कभी हम पर बोझ बनना नहीं चाहती थी, लेकिन उसके ससुराल वालों ने उसे जीने भी नहीं दिया।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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