दक्षिण गुजरात के गन्ना किसानों की विविध समस्याओं को लेकर गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा मंत्री श्री दर्शन कुमार ए नायक ने मुख्यमंत्री मंत्री को संबोधित करते हुए लिखा पत्र

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

 

दक्षिण गुजरात के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग की समस्याओं के समाधान हेतु तत्काल हस्तक्षेप की मांग

 

गुजरात प्रदेश अहमदाबाद/गांधीनगर: गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के महामंत्री श्री दर्शनकुमार ए. नायक द्वारा दक्षिण गुजरात के गन्ना किसानों, सहकारी चीनी मिलों के सदस्यों तथा चीनी उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की ओर से राज्य सरकार के समक्ष गंभीर समस्याओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

 

प्रेस नोट में बताया गया है कि दक्षिण गुजरात में सहकारी आधार पर चल रही चीनी मिलों की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पहले लगभग 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती थी, लेकिन बढ़ती लागत, महंगे खाद, बेमौसम बारिश, गन्ने के कम दाम और जंगली जानवरों के नुकसान के कारण पिछले कुछ वर्षों में करीब 40% की गिरावट आई है।

गन्ने का पेराई उत्पादन भी घटकर पहले के लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन से घटकर वर्तमान में करीब 72.40 लाख मीट्रिक टन रह गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो चीनी मिलों को कच्चे माल की भारी कमी का सामना करना पड़ेगा, जिससे लगभग 3 लाख परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।

प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि किसानों की उत्पादन लागत में भारी वृद्धि के बावजूद गन्ने के दाम में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं की गई है। केंद्र सरकार द्वारा चीनी का MSP ₹3100 प्रति टन निर्धारित है, जो उत्पादन लागत के मुकाबले काफी कम बताया गया है।

इसके अलावा, पिछले पांच वर्षों से चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन, टर्म लोन तथा एक्साइज लोन नहीं दिए गए हैं, जिससे मिलों में वित्तीय संकट (लिक्विडिटी) गहराता जा रहा है। सहकारी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर भी अधिक होने से मिलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

सबसे चिंताजनक स्थिति यह बताई गई है कि दक्षिण गुजरात की कई चीनी मिलें—जैसे कांठा, मरोली, कोडीनार, तलाला और मांडवी—बंद हो चुकी हैं, जहां किसानों के बकाया भुगतान और शेयरधारकों की पूंजी भी अटकी हुई है।

 

प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि राज्य में लंबे समय से सरकार होने के बावजूद सहकारी चीनी मिलों पर लगाए गए आयकर (इनकम टैक्स) के मुद्दे का अब तक समाधान नहीं हुआ है।

 

मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

 

1. गन्ने के समर्थन मूल्य में तत्काल वृद्धि कर किसानों को उचित भाव दिया जाए।

2. चीनी मिलों के लिए सॉफ्ट लोन, टर्म लोन और एक्साइज लोन की सुविधा पुनः शुरू की जाए।

3. बंद मिलों में किसानों के बकाया भुगतान और शेयरधारकों की राशि तुरंत दिलाई जाए।

4. बंद पड़ी सहकारी चीनी मिलों को विशेष पैकेज देकर पुनः चालू किया जाए।

5. सहकारी बैंकों द्वारा दिए गए ऋण पर ब्याज दर कम की जाए।

6. सहकारी चीनी मिलों पर लगाए गए आयकर से राहत देने हेतु घोषणा की जाए।

श्री दर्शनकुमार नायक ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि दक्षिण गुजरात का चीनी उद्योग और उससे जुड़ी अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके तथा किसानों को राहत मिल सके।

 

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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