गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज हस्ताक्षरित हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल गारमेंट कमेटी ने भव्य स्वागत किया है। समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने इसे भारतीय व्यापार और विशेष रूप से कपड़ा उद्योग के लिए एक युगांतकारी अवसर बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर को वर्ष 2030 तक 350 अरब डॉलर के वैश्विक लक्ष्य तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
बोथरा ने बताया कि यह FTA केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारतीय उद्यमियों, MSME इकाइयों, निर्यातकों और वस्त्र उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए एक नए युग की शुरुआत है। इससे “लोकल टू ग्लोबल” का सपना और अधिक सशक्त रूप से साकार होगा।
बोथरा ने कहा कि भारत को न्यूजीलैंड के बाजार में 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलना भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत है। इससे भारतीय गारमेंट्स, फैब्रिक और टेक्सटाइल उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में 5 से 10 प्रतिशत तक अधिक प्रतिस्पर्धी, सस्ते और सुलभ होंगे।
बोथरा ने बताया कि वर्ष 2025 के उपलब्ध व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार न्यूजीलैंड द्वारा भारतीय वस्त्र आयात लगभग 80.22 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर रहा है। उनका अनुमान है कि इस FTA के प्रभाव से आगामी 3 वर्षों में यह आंकड़ा 300 प्रतिशत तक बढ़ने की प्रबल संभावना है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए विशाल अवसर उत्पन्न होंगे।
बोथरा ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड उच्च गुणवत्ता वाली ऊन (Wool) का प्रमुख वैश्विक स्रोत है। इस समझौते से भारतीय उद्योगों को प्रीमियम गुणवत्ता का कच्चा माल प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होगा, जिससे भारत में उच्च श्रेणी के ऊनी वस्त्रों, फैशन उत्पादों और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल निर्माण को नई गति मिलेगी।
बोथरा ने कहा कि इस समझौते का सीधा लाभ भारत के प्रमुख वस्त्र औद्योगिक क्लस्टरों को मिलेगा। सूरत में सिंथेटिक, साड़ी और एम्ब्रॉयडरी उद्योग, लुधियाना में होजरी एवं निटवेयर, तिरुपुर में रेडीमेड गारमेंट और जयपुर में एथनिक वियर एवं हस्तशिल्प आधारित वस्त्र उद्योग को विशेष मजबूती प्राप्त होगी। इन क्षेत्रों में उत्पादन, निर्यात और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।
बोथरा ने विशेष रूप से MSME क्षेत्र को इस समझौते का सबसे बड़ा लाभार्थी बताते हुए कहा कि छोटे व्यापारी, लघु उद्योग और पारिवारिक उत्पादन इकाइयाँ अब सीधे वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ सकेंगी। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को वास्तविक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि निर्यात में संभावित वृद्धि के साथ विनिर्माण, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और सपोर्ट सेक्टर में लाखों नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर ग्रीन जॉब्स और स्थायी रोजगार का निर्माण होगा।
बोथरा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते को लागू करना भारत सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और व्यापारिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
अंत में बोथरा ने कहा कि CAIT टेक्सटाइल गारमेंट कमेटी देशभर के व्यापारियों, निर्यातकों और उद्यमियों के साथ मिलकर इस अवसर को राष्ट्रीय आर्थिक शक्ति में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का वस्त्र उद्योग अब केवल उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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