अमड़ापाड़ा (पाकुड़)। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने शनिवार को अमड़ापाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्था, जनसेवा की स्थिति और विकास योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महुआ उत्पादन और आजीविका पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए महुआ की खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महुआ उत्पादन के लिए कम से कम 10 एकड़ भूमि को चिन्हित किया जाए। साथ ही, उन्होंने जेएसएलपीएस (JSLPS) के माध्यम से पत्तल निर्माण और उनके विपणन की संभावनाओं को तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पत्तल निर्माण से ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के स्थायी स्रोत विकसित होंगे।
पेंडिंग आवासों को जल्द पूरा करने के निर्देश
विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने मनरेगा और आवास योजना की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि:
*लंबित आवासों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि पात्र लाभुकों को उनका हक मिल सके।
*सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से हो।
*प्रशासन का लक्ष्य हर योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना होना चाहिए।
परिसर में होगा सघन वृक्षारोपण
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने प्रखंड और अंचल कार्यालय परिसर में लाइनर प्लांटेशन (सघन वृक्षारोपण) कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित परिसर से प्रशासनिक कार्य संस्कृति बेहतर होती है और आगंतुकों को भी सुखद अनुभव मिलता है।
जवाबदेही तय करने की हिदायत
उपायुक्त ने प्रखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित से जुड़ी योजनाओं के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से योजनाओं की निगरानी करें ताकि भ्रष्टाचार मुक्त और सुचारू जनसेवा सुनिश्चित की जा सके।

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