सूरत में 8 घंटे की शिफ्ट और रविवार की छुट्टी की मांग को लेकर मजदूरों का आंदोलन
गुजरात प्रदेश सूरत शहर एवं जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के कथित शोषण के खिलाफ श्रमिक संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। बड़ी संख्या में मजदूर अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कार्यालय परिसर का घेराव किया। मजदूरों ने प्रतिदिन 8 घंटे की शिफ्ट और हर रविवार साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की।
मजदूरों का आरोप है कि रंगाई, प्रिंटिंग, कढ़ाई, जरी और लूम सहित विभिन्न उद्योगों में कई स्थानों पर उनसे प्रतिदिन करीब 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। लंबे कार्य समय के कारण मजदूरों को पर्याप्त नींद लेने, खाना बनाने और परिवार के साथ समय बिताने में परेशानी हो रही है।कामदार नेता श्री अजय डी दुबे सार्वजनिक मजबूर एकता यूनियन के प्रमुख श्री मलखान वर्मा जी गुजरात कांग्रेस मंत्री श्री हरीश भाई सूर्यवंशी के साथ अन्य मजदुर संगठनों के पदाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद रहे
सूरत शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरीश सूर्यवंशी ने बताया कि गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा एवं गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ. तुषार चौधरी के नेतृत्व में गांधीनगर स्थित सत्याग्रह छावणी में जन आक्रोश धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस ने भी मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाया और सूरत में चल रहे मजदूर आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
प्रदर्शन के दौरान एक मजदूर ने कहा कि लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें पर्याप्त आराम और नींद नहीं मिलती तथा परिवार के साथ समय बिताना भी मुश्किल हो जाता है। मजदूरों ने प्रशासन से अपनी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
प्रशासन ने मजदूरों को सोमवार को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन मजदूर कलेक्टर कार्यालय परिसर छोड़ने को तैयार नहीं थे। स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंचे एसीपी विजय मल्होत्रा ने मजदूरों से कानून हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ बातचीत के लिए बुलाए गए मजदूरों को सोमवार की बैठक में शामिल होना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों एवं श्रमिक संगठन के नेताओं की समझाइश के बाद मजदूर धीरे-धीरे कलेक्टर कार्यालय परिसर से बाहर निकल गए। श्रमिक संगठन ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगें 8 घंटे की कार्य शिफ्ट और प्रत्येक रविवार साप्ताहिक अवकाश हैं।
वही 24 अगस्त के ज्ञापन पर 15 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, मजदूरों की समस्याओं को लेकर 12 सितंबर को पुनः रिमाइंडर ज्ञापन दिया गया
मजदूरों की विभिन्न लंबित समस्याओं एवं श्रम कानूनों के प्रभावी पालन की मांग को लेकर 24 अगस्त 2026 को जिला कलेक्टर कार्यालय, सूरत में ज्ञापन/आवेदन सौंपा गया था। लेकिन ज्ञापन दिए हुए 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मजदूरों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई अथवा संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ । इसी के चलते मजदूरों की आवाज को पुनः प्रशासन तक पहुंचाने के लिए 12 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर कार्याल में रिमाइंडर आवेदन/ज्ञापन दिया गया
मजदूरों की प्रमुख मांगों में 8 घंटे की ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश/रविवार की छुट्टी, PF, बोनस, ग्रेच्युटी सहित श्रम कानूनों का उचित पालन तथा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।कामदार नेता मजदूर यूनियन के अजय भाई डी दुबे कहा कि
हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से मजदूरों की समस्याओं का समाधान करवाना है। प्रशासन से अपेक्षा है कि पूर्व में दिए गए ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं और मजदूरों को उचित न्याय दिलाया जाए।
12 सितंबर को दिया जाने वाला यह रिमाइंडर ज्ञापन प्रशासन को यह याद दिलाने के लिए है कि मजदूरों की समस्याएं आज भी वहीं हैं और उनके समाधान की प्रतीक्षा जारी है। आज बड़ी संख्या में मजदुर सूरत शहर कलेक्टर ऑफिस पर मौजूद दिखाई दिए प्रशासन भी चौकन्ना रहा
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