गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
*गुजरात प्रदेश आणंद SOG और पैरोल फ्लाइंग स्क्वॉड की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, ACB की कार्रवाई के बाद 49 लाख रुपये के स्रोत की जांच की मांग*
आणंद (गुजरात): आणंद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद SOG और पैरोल फ्लाइंग स्क्वॉड से जुड़े कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आणंद SOG कार्यालय के बाहर PSI वी.एन. राठौड़ के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए निजी व्यक्ति दिलीप उर्फ दीपक को पकड़े जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के दौरान अन्य नकदी भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। खबरों में लगभग 49 लाख रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद 49 लाख रुपये किसके हैं? इस रकम का वास्तविक स्रोत क्या है और इसका रिश्वत के कथित मामले से क्या संबंध है? एसीबी को इस पूरे आर्थिक लेन-देन की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
पकड़ा गया निजी व्यक्ति दिलीप उर्फ दीपक कथित तौर पर राजूभाई मसाणी का ड्राइवर है। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि कच्छ जिले से जुड़े बताए जा रहे इन व्यक्तियों का आणंद में क्या काम था और इस पूरे प्रकरण में उनकी वास्तविक भूमिका क्या है?
प्रमुख मांगें एवं सवाल:
1. बरामद 49 लाख रुपये की रकम के वास्तविक मालिक और स्रोत का पता लगाया जाए।
2. रिश्वत के कथित मामले में PSI वी.एन. राठौड़ सहित संबंधित सभी व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
3. निजी व्यक्ति दिलीप उर्फ दीपक और राजूभाई मसाणी के बीच संबंधों तथा आर्थिक लेन-देन की जांच की जाए।
4. आणंद SOG और पैरोल फ्लाइंग स्क्वॉड के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए।
5. पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
भ्रष्टाचार के मामलों में केवल रिश्वत लेते पकड़े गए व्यक्ति तक जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और अवैध धन का वास्तविक स्रोत क्या है।*
जनहित में मांग है कि एसीबीइस मामले की गहराई से जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाए।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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