शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कांग्रेस ने नवरात्र के पहले ही दिन सुबह ही अपनी पहली सूची जारी कर दी है जिसमें शिवपुरी की पांचों विधानसभाओं पर प्रत्याशी फाइनल हो गए हैं। इसमें सबसे चाैंकाने वाला नाम पिछोर विधायक केपी सिंह कक्काजू का है। 50 वर्ष के अधिक लंबे राजनीतिक सफर में केपी सिंह ने कभी पिछोर विधानसभा छोड़कर कोई चुनाव नहीं लड़ा है। पिछोर से लगातार छह बार जीत दर्ज करने के बाद उन्हें इस बार महल (सिंधिया परिवार) की परंपरागत सीट पर चुनाव लड़ने के लिए भेजा गया है।
कांग्रेस के इस फैसले ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यहां पर यशोधरा राजे सिंधिया पहले ही चुनाव लड़ने से इनकार कर चुकी हैं। ऐसे में अब हर किसी के मन में यही सवाल ही है कि भाजपा से शिवपुरी में कौन? अब तक भाजपा के पैनल में जो नाम चल रहे हैं उसमें अब फेरबदल हो सकता है। भाजपा की ओर से देवेंद्र जैन, धैर्यवर्धन शर्मा, रामजी व्यास, जिलाध्यक्ष राजू बाथम आदि के नाम चर्चा में थे।
MP Election Congress Candidate List: कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची पर भाजपा की प्रतिक्रिया, परिवारवाद, दागदार की भरमार
MP Election Congress Candidate List: कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची पर भाजपा की प्रतिक्रिया, परिवारवाद, दागदार की भरमार
यह भी पढ़ें
दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शिवपुरी से चुनाव लड़ सकते हैं। यदि सिंधिया ने यहां से चुनाव लड़ा तो मुकाबला और भी रोचक हो जाएगा क्याेंकि सिंधिया और केपी सिंह की पहले तकरार और फिर दोस्ती हमेशा से चर्चा में रही है।
वीरेंद्र रघुवंशी को किसी विधानसभा से मौका नहीं, सूची ने दबाया विरोध
कोलारस में विधायक रहते हुए भाजपा से कांग्रेस में आए वीरेंद्र रघुवंशी को किसी विधानसभा से मौका नहीं दिया गया है। वे शिवपुरी से अपने टिकट को लेकर आश्वस्त थे और प्रचार में तक जुट गए थे। उन्हें लेकर ही शिवपुरी में सबसे ज्यादा विरोध था। अब कांग्रेस ने केपी सिंह को यहां लाकर विरोध दबाने का भी बड़ा काम किया है क्योंकि केपी सिंह कांग्रेस में सर्वमान्य नेता हैं।
MP Chunav 2023: सागर जिले में कांग्रेस ने तीन सीटों पर पुराने चेहरों पर जताया भरोसा
MP Chunav 2023: सागर जिले में कांग्रेस ने तीन सीटों पर पुराने चेहरों पर जताया भरोसा
यह भी पढ़ें
दूसरी ओर शिवपुरी विधानसभा का ग्रामीण क्षेत्र पिछोर से लगा हुआ है जिसका लाभ उन्हें मिलेगा। हालांकि उनके साथ बड़ी परेशानी जनता से जुड़ाव की होगी। शिवपुरी की जनता से उनका कभी सीधा जुड़ाव नहीं रहा है। वीरेंद्र रघुवंशी के साथ भाजपा छोड़ने वाले जितेंद्र जैन गोटू, राकेश गुप्ता, रघुराज धाकड़ को भी टिकट नहीं मिला है। शिवपुरी में बसपा का टिकट भी फाइनल हो गया है तो अब यहां से कोई हाथी की सवारी भी नहीं कर पाएगा। चर्चा है कि वीरेंद्र रघुवंशी को पार्टी ने लोकसभा लडाने का आश्वासन दिया है।
MP Election 2023: कांग्रेस ने बैतूल जिले में तीन वर्तमान विधायकों को दिया मौका, एक सीट पर नए चेहरे को उतारा
MP Election 2023: कांग्रेस ने बैतूल जिले में तीन वर्तमान विधायकों को दिया मौका, एक सीट पर नए चेहरे को उतारा
यह भी पढ़ें
शेष चार सीटों पर इन्हें मिला टिकट
पोहरी: पोहरी से पार्टी ने बसपा से कांग्रेस में आए कैलाश कुशवाह को टिकट दिया है। वर्ष 2018 के चुनाव में कैलाश कुशवाह बसपा से लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे। करीब 8 हजार के अंतर सुरेश धाकड़ ने उन्हें हराया था। कुछ समय पूर्व ही वे कांग्रेस में शामिल हुए और बैराड़ में कमलनाथ की सभा कराकर अपनी दावेदारी ठोकी थी।
कोलारस: कोलारस में कांग्रेस ने सिंधिया समर्थक रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बैजनाथ सिंह यादव को टिकट दिया है। बैजनाथ सिंह यादव ने सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी और चुनाव के पहले ही कांग्रेस में वापसी की है। यहां से भाजपा से कांग्रेस में आए जितेंद्र जैन गोटू भी दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस ने बैजनाथ सिंह पर भरोसा जताया।
MP Congress Candidate First List: एमपी चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, जानिए इसमें क्या है खास
MP Congress Candidate First List: एमपी चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, जानिए इसमें क्या है खास
यह भी पढ़ें
करैरा: करैरा में कांग्रेस ने अपने विधायक प्रागीलाल जाटव पर भरोसा जताया है। प्रागीलाल करैरा के जातिगत समीकरण पर फिट बैठते हैं। उन्होंने उपचुनाव में सिंधिया समर्थक जसमंत जाटव काे 30 हजार के बड़े अंतर से हराया था। प्रागीलाल जाटव बसपा से कांग्रेस में आए थे और चुनाव लड़कर जीते थे। करैरा में अजा वर्ग के सबसे अधिक वोट हैं।
पिछोर: पिछोर में पिछले 30 साल से जीतते आ रहे विधायक केपी सिंह को इस बार शिवपुरी भेजा गया है। उनकी जगह यहां शैलेंद्र सिंह बुंदेला को टिकट दिया गया है। शैलेंद्र सिंह खनियाधाना के बुंदेला राज परिवार के सदस्य हैं। यह वही परिवार है जिसने क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को आश्रय दिया था। शैलेंद्र सिंह के पिता भानुप्रताप सिंह विधायक रह चुके
Updated Video




Subscribe to my channel





