जिले भर में जारी अवैध खनन, माफियाओं के हौसले बुलंद जेडीयू कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन

अर्जुन रौतेला संवादाता। बांदा जिले में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है, जिससे खनन माफियाओं के हौसले आसमान छू रहे हैं। जहां एक ओर महाकुंभ के चलते पूरे प्रदेश में खनन कार्य पर रोक लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर बांदा में यह प्रतिबंध पूरी तरह से प्रभावहीन साबित हुआ है। जिले में खुलेआम अवैध खनन जारी है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे, प्रशासन की चुप्पी

स्थानीय मीडिया कर्मी और छोटे समाचार पत्रों के पत्रकार जब इस अवैध खनन को उजागर करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें प्रशासन द्वारा नजरअंदाज कर दिया जाता है। यहां तक कि उनकी खबरों को सूचना विभाग द्वारा संज्ञान में नहीं लिया जाता, जिससे इस मुद्दे पर उच्च अधिकारियों तक कोई सूचना नहीं पहुंच पाती।और तो और, कई मामलों में पत्रकारों को टारगेट कर उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं और उन्हें जेल तक भेजा गया है। ऐसे सैकड़ों उदाहरण सामने आए हैं, जहां ईमानदार पत्रकारों को सच दिखाने की कीमत चुकानी पड़ी है।

पूर्व पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन पर गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार, बीते दिनों बांदा के पूर्व पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन इस भ्रष्टाचार में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनके कार्यकाल में अवैध खनन को खुली छूट मिली हुई थी, और यही व्यवस्था आज भी जारी है। वर्तमान में भी खनन माफिया प्रशासनिक संरक्षण के चलते बेखौफ होकर अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।

सूचना विभाग और खनन विभाग की मिलीभगत

स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि सूचना विभाग का कार्यालय इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। अवैध खनन की खबरें प्रकाशित होने के बावजूद इन्हें शासन तक नहीं भेजा जाता, जिससे उच्च स्तर पर कार्रवाई की संभावना खत्म हो जाती है।

राजस्व विभाग और खनन विभाग के स्थानीय अधिकारी भी इस अवैध कारोबार में आकंठ डूबे हुए हैं। राजस्व चोरी के कारण सरकार को करोड़ों रुपये की हानि हो रही है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

जेडीयू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अनुरोध किया कि दोषी अधिकारियों और खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच कराई जाए।

सरकार से न्याय की उम्मीद

बांदा की जनता और पत्रकारिता जगत अब उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद लगाए बैठा है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। यदि इस पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो जिले में पत्रकारिता करना और भी जोखिम भरा हो जाएगा और खनन माफियाओं का आतंक और बढ़ सकता है।

ज्ञापन देने वालों में जेडीयू महिला प्रदेश अध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल, ज्योति ज्योति मौर्य नगर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ जदयू अतर्रा, देवेश कुमार उमर नगर अध्यक्ष बांदा जेडीयू, उदय पाल, केशन कुमार मोहनलाल आदि मौजूद रहे।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवादाता अर्जुन रौतेला 8868868461

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gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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