संवाददाता अर्जुन रौतेला आगरा। आज दिनांक 18 मार्च 2026 को आगरा कॉलेज, आगरा के गंगाधर शास्त्री मैदान में स्टाफ क्लब द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के सम्मान में एक भव्य, गरिमामय एवं ऐतिहासिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रदान की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए आभार व्यक्त करना एवं उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने की तथा संचालन प्रो. शेफाली चतुर्वेदी द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। माननीय मंत्री जी के आगमन पर NCC (सीनियर डिवीजन बॉयज़ एवं गर्ल्स) तथा आर्मी विंग द्वारा उन्हें भव्य सलामी दी गई, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति एवं गरिमा से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना “अज्ञानता से तार दे” के भावपूर्ण गायन के साथ हुआ। तत्पश्चात राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम को औपचारिक रूप से प्रारंभ किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया।

इस अवसर पर आगरा जनपद के प्रमुख महाविद्यालयों के प्राचार्यगण एवं शिक्षाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचारों के माध्यम से इस योजना के महत्व को रेखांकित किया और प्रो. विजय कुमार श्रीवास्तव (प्राचार्य, आरबीएस कॉलेज, आगरा) ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई कैशलेस चिकित्सा योजना यह सिद्ध करती है कि सरकार शिक्षा एवं शिक्षकों के प्रति गंभीर और संवेदनशील है। यह योजना शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे वे पूर्ण मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
प्रो. वंदना अग्रवाल (प्राचार्य, बी.डी. जैन महाविद्यालय, आगरा) ने विशेष रूप से महिला शिक्षकों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार को महिला शिक्षकों की आवश्यकताओं के प्रति और अधिक संवेदनशील होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने हेतु सरकार का आभार व्यक्त किया।

प्रो. एस.पी. सिंह (प्राचार्य, सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा) ने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकता है। यह योजना शिक्षकों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी और उच्च शिक्षा के स्तर को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
प्रो. सीमा भदौरिया (प्राचार्य, बीवीआरए बिचपुरी) ने इसे शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति बताते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में परिवार पर आर्थिक संकट आ जाता है। यह योजना शिक्षकों के लिए जीवन रक्षक कवच के रूप में कार्य करेगी।
प्रो. पूनम सिंह (प्राचार्य, बैकुंठी देवी महाविद्यालय, आगरा) ने महिला शिक्षकों को मेडिकल लीव न होने के कारण होने वाली कठिनाइयों को प्रमुखता से रखा और सरकार से इस दिशा में संवेदनशील निर्णय लेने का आग्रह किया।

प्रो. वी.के. सिंह (सचिव, स्टाफ क्लब, आगरा कॉलेज) ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से शिक्षकों की प्रमुख मांगों को मंत्री जी के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए मेडिकल लीव की सुविधा पुनः बहाल की जाए और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए, जैसा कि अन्य राज्यों में लागू है। उन्होंने कहा कि यह केवल मांग नहीं, बल्कि शिक्षकों की गरिमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन भी मंत्री जी को सौंपा गया।

प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान (अध्यक्ष, FUPUCTA) ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा शिक्षकों की लगभग 30 वर्षों से चली आ रही मांग थी, जिसे पूरा कर सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में इस योजना का विस्तार स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों तक भी किया जाएगा तथा मेडिकल लीव की मांग भी शीघ्र पूर्ण होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार “अंत्योदय” की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में कोई नया कर नहीं लगाया गया। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नई विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई।
“वन डिस्ट्रिक्ट, वन यूनिवर्सिटी” एवं “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” जैसे विजन पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा एवं चिकित्सा मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं, और सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी शिक्षक आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा शिक्षकों के साथ-साथ कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को भी प्रदान की गई है। साथ ही उन्होंने आगरा कॉलेज में अग्रसेन पीठ की स्थापना शीघ्र कराने का आश्वासन दिया।

प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने कहा कि यह योजना सरकार की संवेदनशीलता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचायक है। उन्होंने मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से शिक्षकों एवं कर्मचारियों का मनोबल अत्यधिक बढ़ेगा। उन्होंने साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की अनुमति दी।
महाविद्यालय को अतिरिक्त अनुदान की मांग भी प्रमुखता से रखी।
कार्यक्रम के समापन पर प्रोफेसर शशिकांत पांडे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया । उन्होंने इस योजना को शिक्षकों के सम्मान एवं सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके व्यापक क्रियान्वयन पर बल दिया।

कार्यक्रम में प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. पूनम चाँद, प्रो. भूपेंद्र चिकारा, प्रो. गौरव कौशिक (मीडिया प्रभारी), प्रो. डी.सी. मिश्रा, प्रो. एम.एम. खान, प्रो. ए.के. सिंह, प्रो. सुनीता रानी, प्रो. ममता सिंह, प्रो. अनुराधा नेगी, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. संजीव शर्मा डॉ आनंद प्रताप सिंह डॉक्टर रणजीत सिंह डॉ विकास सिंह डॉ विक्रम सिंह प्रोफेसर उमाकांत चौबे डॉ फिरोज अंसारी डॉ शिवकुमार सिंह सहित अनेक प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा भी माननीय मंत्री जी का स्वागत एवं सम्मान किया गया। विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से संपन्न हुईं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शशिकांत पांडे द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
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