पाकुड़। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा की अध्यक्षता में शनिवार को समाज कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।
पोषण ट्रैकर ऐप और डिजिटल एंट्री की प्राथमिकता
बैठक के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप के अंतर्गत टीएचआर (THR) और एफआरएस (FRS) एंट्री की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी लाभुकों का डेटा समय पर पोर्टल पर अपडेट किया जाए ताकि योजनाओं की पारदर्शिता और वास्तविक प्रगति का सटीक आकलन हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी डेटा एंट्री में देरी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित करती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इन मुख्य योजनाओं की हुई समीक्षा:
*सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र: केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और सुविधाओं की समीक्षा।
*प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: पात्र महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना।
*भवन निर्माण व किट वितरण: आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की स्थिति और पीएसई किट (PSE Kit) की उपलब्धता।
*जीएमडी समीक्षा: विकास की निगरानी और डेटा प्रबंधन।
नियमित भौतिक निरीक्षण के निर्देश
श्रीमती बाड़ा ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) और महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार के वितरण और उपलब्ध सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है ताकि व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सके।
जन-जागरूकता पर ध्यान
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जन-जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। बैठक के अंत में सभी कर्मियों ने विभागीय लक्ष्यों को समय पर और समर्पित भाव से पूर्ण करने का संकल्प लिया।

Updated Video




Subscribe to my channel





