पाकुड़। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस राष्ट्रीय अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और बेहतर नीति निर्धारण की नींव है।
पोर्टल पर ‘स्व-गणना’ की विशेष सुविधा
उपायुक्त ने जानकारी दी कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए इस बार स्व-गणना (Self-Enumeration) की व्यवस्था की गई है। नागरिक 01 मई से 15 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है:
प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): यह चरण 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा। इसमें प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की गणना करेंगे।
द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): वास्तविक जनसंख्या की गणना 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच की जाएगी।
34 बिंदुओं पर संकलित होंगे आंकड़े
मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणकों द्वारा कुल 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से:
*मकान की निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत), स्वामित्व की स्थिति और कमरों की संख्या।
*पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस (LPG/PNG) और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
*परिवार के पास उपलब्ध संसाधन जैसे इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल, वाहन और उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज।
*परिवार के मुखिया का विवरण और सामाजिक श्रेणी।
पारदर्शिता के लिए 07 चार्ज पदाधिकारी नियुक्त
जिले में इस कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए उपायुक्त ने 07 चार्ज पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एकत्र की गई जानकारी का उपयोग केवल विकास योजनाओं और नीति निर्माण के लिए किया जाएगा।
जनभागीदारी का आह्वान
उपायुक्त ने मीडिया, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नागरिक प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।”जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही संसाधनों का वितरण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। पाकुड़ का हर नागरिक इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।” मेघा भारद्वाज, उपायुक्त, पाकुड़

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