पुरुषोत्तम मास में आध्यात्मिक महाकुंभ: श्री मनःकामेश्वर मठ के श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ हेतु भूमि पूजन संपन्न

अर्जुन रौतेला आगरा। श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा आयोजित होने वाले श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के लिए रविवार को यमुना किनारा रोड, ताज व्यू गार्डन फेस-1 स्थित कथा स्थल पर विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में कथा व्यास श्री महंत योगेश पुरी एवं मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन एवं गौ माता पूजन कर आयोजन की मंगल शुरुआत की।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को संस्कारवान बनाते हैं और सनातन परंपराओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर कथा व्यास श्री महंत योगेश पुरी ने पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के महत्व को बताते हुए कहा कि यह मास प्रत्येक तीन वर्ष में आता है और भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण इसे “पुरुषोत्तम मास” कहा जाता है। इस काल में श्रीमद्भागवत कथा सहित सभी धार्मिक कार्यों का फल अनंत होता है। उन्होंने बताया कि पहली बार मंदिर प्रांगण से बाहर इतने विशाल स्वरूप में यह आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। कथा के दौरान भगवान विष्णु के 24 अवतारों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा तथा कथा के आध्यात्मिक उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कथा स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ श्रवण करना स्वयं में एक महान तप है।

मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 200 गज क्षेत्र में भव्य एवं पूर्ण वातानुकूलित कथा मंडपम का निर्माण किया जा रहा है। महाकुंभ की तर्ज पर मंडपम परिसर में अलग-अलग कुटियाओं का निर्माण होगा, जिनमें भोजनालय, अतिथि गृह, ब्राह्मण कक्ष आदि की व्यवस्थाएं रहेंगी।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां होंगी, जिन्हें उनके वास्तविक स्वरूप एवं स्थान के अनुरूप स्थापित किया जाएगा। साथ ही मंच पर भगवान विष्णु के 24 अवतारों के स्वरूप भी विराजमान रहेंगे। क्योंकि आगरा शिव नगरी है, इसके इस वास्तविक रूप में पुनः पहचान दिलाने हेतु यह आयोजन विशेष प्रयास करेगा।

कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार 17 मई को प्रातः 7 बजे श्री मनःकामेश्वर मठ से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी। इसके उपरांत 18 मई से 24 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से “हरि इच्छा” तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा।

इसके साथ ही बच्चों में संस्कारों का विकास करने के उद्देश्य से 7 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर भी आयोजित किया जाएगा, जो प्रतिदिन प्रातः 7 से 9 बजे तक चलेगा। शिविर में बच्चों को वैदिक ज्ञान, यज्ञ, योग, मार्शल आर्ट, पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विशेष रूप से एक 7 वर्षीय बालक द्वारा गीता के श्लोक भी सिखाए जाएंगे। साथ ही बच्चों को पक्षियों के लिए जलपात्र आदि वितरित किए जाएंगे।

इस अवसर पर पार्षद रवि माथुर, अनुज शर्मा, राकेश जैन, अनुराग चतुर्वेदी, एडवोकेट संजय कप्तान, सोहार्द शर्मा, राहुल चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461

 

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  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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