गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
समझौते के आधार पर गुजरात हाईकोर्ट ने उत्तराण पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर रद्द की
सूरत, 16 जुलाई।
गुजरात हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर सूरत के उत्तराड पुलिस स्टेशन में वर्ष 2022 में दर्ज विश्वासघात एवं वित्तीय अनियमितता से संबंधित आपराधिक मामले को रद्द करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एम. आर. मेंघराज ने 13 जुलाई 2026 को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
याचिकाकर्ता पंकजभाई जितेन्द्रभाई गोहिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत विशेष आपराधिक आवेदन दाखिल कर एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 408, 406 और 34 के साथ-साथ प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम (बैनिंग) अधिनियम, 1978 तथा गुजरात प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (इन फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट्स) अधिनियम, 2003 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि आपसी विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो चुका है। शिकायतकर्ता ने भी हलफनामा प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि अब उसे मामले को आगे बढ़ाने में कोई रुचि नहीं है और एफआईआर रद्द किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
दोनों पक्षों के बयान, रिकॉर्ड और प्रस्तुत दस्तावेजों पर विचार करने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने समझौते को स्वीकार करते हुए उत्तरांड पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर तथा उससे जुड़ी सभी आपराधिक कार्यवाही को रद्द (क्वैश) करने का आदेश दिया। इसके साथ ही संबंधित विशेष आपराधिक आवेदन का भी निस्तारण कर दिया गया।
यह निर्णय एक बार फिर दर्शाता है कि जिन मामलों में विवाद पूरी तरह निजी प्रकृति का हो और दोनों पक्षों के बीच स्वेच्छा से समझौता हो जाए, ऐसे मामलों में न्यायालय परिस्थितियों के अनुसार आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने का अधिकार रखता है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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