गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
सूरत सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में हंगामा करने वाले रेसीडेंट डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू
पिछले 12 महीनों से अनुशासनहीन व्यवहार की शिकायतें, ऑर्थोपेडिक HOD से मांगा गया स्पष्टीकरण
सूरत: सूरत की नई सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल स्टाफ के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने वाले ऑर्थोपेडिक विभाग के सेकंड ईयर रेसीडेंट डॉक्टर के खिलाफ अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले ड्यूटी के दौरान संबंधित रेसीडेंट डॉक्टर द्वारा मरीजों एवं उनके साथ मौजूद लोगों तथा स्टाफ के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई थी। साथ ही डॉक्टर के नशे की हालत में होने के भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही सिविल अस्पताल प्रशासन ने आंतरिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी।
अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑर्थोपेडिक विभाग के HOD को ईमेल एवं नोटिस जारी कर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। इमरजेंसी विभाग जैसी संवेदनशील जगह पर ड्यूटी के दौरान इस प्रकार के कथित व्यवहार को लेकर संबंधित रेसीडेंट डॉक्टर से रिपोर्ट एवं स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सुप्रिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा ने कहा कि, “इमरजेंसी ड्यूटी बेहद संवेदनशील होती है, जहां मरीजों और स्टाफ के साथ उचित व्यवहार करना अनिवार्य है। यदि डॉक्टर द्वारा नशा किया गया होगा या किसी के साथ दुर्व्यवहार किया गया होगा तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज काउंसिल के निर्णय के अनुसार कार्रवाई करने के लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह तैयार है। अस्पताल में इस तरह का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सूत्रों के अनुसार, संबंधित रेसी डेंट डॉक्टर के खिलाफ पिछले 6 से 12 महीनों से अनियमितता एवं खराब व्यवहार को लेकर शिकायतें मिलने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा पूर्व में भी डॉक्टर के खिलाफ दो बार विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की जानकारी सामने आई है।
ऑर्थोपेडिक विभाग की ओर से पूरी रिपोर्ट एवं स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद मामले को कॉलेज काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा। काउंसिल के निर्णय के आधार पर संबंधित रेसीडेंट डॉक्टर के खिलाफ नियमानुसार कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा, गरिमा और अस्पताल में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाएगा।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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