गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
डॉक्टर हर्ष पंचाल आत्महत्या मामले में एक और आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, पुलिस की जांच तेज
गुजरात प्रदेश सूरत शहर की नई सिविल अस्पताल के डॉक्टर हर्ष पंचाल आत्महत्या मामले में पुलिस ने एक और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपी डॉक्टर अनुज महेश्वरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी डॉक्टर निराली की गिरफ्तारी के लिए भी जांच तेज कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में दो दिन पहले खटोदरा पुलिस ने महिला डॉक्टर दीक्षिता धेवरिया और डॉक्टर हीना भूतनी को गिरफ्तार किया था। इस प्रकार मामले में कुल चार आरोपियों में से दो महिला आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले की जांच के दौरान रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट में दोनों महिला डॉक्टरों की कथित भूमिका सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि पीड़ित डॉक्टर को प्रताड़ित करने और मानसिक रूप से परेशान करने में उनकी भूमिका थी। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और रिपोर्टों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
8 अगस्त को हुई थी डॉक्टर हर्ष पंचाल की मौत
एसीपी एम.आर. देसाई के अनुसार, 8 अगस्त की मध्यरात्रि को सूरत सिविल अस्पताल परिसर में स्थित हॉस्टल में डॉक्टर हर्ष पंचाल ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच के लिए गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी और मेडिकल कमेटी की रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर रैगिंग की बात सामने आई थी।
पुलिस इस मामले में सभी आरोपों, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
आप को बताते चले कि
सूरत में मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर डॉ. हर्ष पंचाल की आत्महत्या के मामले में रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खटोदरा पुलिस ने 11 अक्टूबर को डॉ. दीक्षिता और डॉ. हीना को गिरफ्तार किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. हर्ष पंचाल ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था। आरोप है कि कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों ने डॉ. हर्ष सहित जूनियर विद्यार्थियों के साथ रैगिंग की और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया करते थे
बताया गया है कि वायरोलाॅजी लैब में डॉ. हर्ष सहित जूनियर डॉक्टरों को करीब दो घंटे तक बैठाकर अपमानित किया गया। इस घटना के बाद डॉ. हर्ष ने कथित तौर पर अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के दिन सुबह करीब 9 बजे डॉ. हर्ष हॉस्टल में मृत पाए गए। सुबह 9:30 बजे उनके पिता को सूचना दी गई, जबकि शाम करीब 5 बजे परिजनों ने सूरत सिविल अस्पताल में शव की पहचान की।
इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रशासन और पुलिस के समक्ष रैगिंग एवं मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चार जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ रैगिंग की शिकायत की। रात करीब 11:35 बजे खटोदरा पुलिस स्टेशन में आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
11 अक्टूबर को खटोदरा पुलिस ने डॉ. दीक्षिता और डॉ. हीना को गिरफ्तार किया।*यह मामला मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, रैगिंग पर रोक तथा जूनियर डॉक्टरों के सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य विद्यार्थी को ऐसी प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को रैगिंग की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए तथा सभी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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