गुजरात प्रदेश सुरत महा नगर पालिका की बड़ी लापरवाही+++++++

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात प्रदेश स्मार्ट सिटी सूरत में सड़क की बदहाली! उधना-भेस्तान रोड पर 5 महीने से गड्ढों का कब्जा

 

500 मीटर सड़क खोदकर छोड़ी, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग तक नहीं; मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

 

गुजरात प्रदेश स्मार्ट सिटी सूरत में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं के दावों के बीच उधना-भेस्तान रोड की बदहाल स्थिति महानगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

 

भेस्तान क्षेत्र की महक रेसिडेंसी, लुम्बिनी रेसिडेंसी, अंबिका विला, मंगलमूर्ति सोसायटी और प्रदेश वर्ल्ड सहित कई आवासीय सोसायटियों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पिछले पांच महीनों से लगभग 500 मीटर सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

सबसे चिंताजनक बात यह है कि सड़क की खतरनाक स्थिति के बावजूद महानगरपालिका प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत तक नहीं लगाए गए हैं। नो-एंट्री होने के बावजूद डंपर और पानी के टैंकरों की आवाजाही जारी रहने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।

रात के अंधेरे में दोपहिया वाहन चालक गड्ढों के कारण फिसलकर गिर रहे हैं और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर उधना जोन तथा सूरत महानगरपालिका के ऑनलाइन पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों आकाश, विलास माली और सागर निकम सहित क्षेत्र के नागरिकों ने महानगरपालिका प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मांग की है कि:

 

1. उधना-भेस्तान रोड की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

2. सड़क पर मौजूद सभी गहरे गड्ढों को तुरंत भरा जाए।

3. मरम्मत होने तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं।

4. नो-एंट्री क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

5. पांच महीने से काम अधूरा छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

 

**स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद भी नागरिकों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो आखिर सूरत महानगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी किसके प्रति जवाबदेह हैं?**

 

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल कार्रवाई की जाए और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित सड़क उपलब्ध कराई जाए।

 

टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट

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