आगरा का विकास होगा या विकास के नाम पर घोटाला…?

क्या इस बार होगा आगरा का विकास…?

क्या इस बार प्रकृति के साथ खिलवाड़ होना बंद होगा..?

क्या इस बार प्रकृति हित में वृक्षारोपण होंगे या महज दिखावा…?

क्या आवारा कुत्तों एवं बंदरों के लिए आवंटित पूजी का सद प्रयोग होगा या घोटाला….?

हेमलता दिवाकर कुशवाहा होंगी आगरा से भाजपा की मेयर प्रत्याशी।

केंद्रीय कानून राज्यमंत्री और आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल अपनी बेटी डॉ. सलोनी और पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया अपनी पत्नी डॉ. मृदुला के लिए दिन रात एक किए हुए थे। इटावा के सांसद कठेरिया की पत्नी को टिकट के पक्ष में तो संत रामभद्राचार्य भी जुटे बताए गए थे। दोनों को ही आलाकमान ने ठेंगा दिखा दिया।

लेकिन फैसला अप्रत्याशित हुआ। हेमलता पूर्व विधायक हैं और जमीन से जुड़े परिवार की भी हैं। राजनीति में अनुभवशून्य लोगों की तुलना में उनकी उम्मीदवारी निश्चित ही आगरा के लिए लाभदायक हो सकती है। आगरा भाजपा का गढ़ है, इस बार तो बाकी दलों के लिए जमानत बचा पाना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

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gc goyal rajan
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