२४/१२/२०२५ टी यन न्यूज 24 गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
देश के 7 PM-MITRA पार्क MSME गारमेंट हब बनें, तभी बढ़ेगा रोज़गार, निर्यात और ‘Brand India’
(चम्पालाल बोथरा CAITअध्यक्ष )
विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट निर्यातक रहा बांग्लादेश इस समय गंभीर राजनीतिक हिंसा, प्रशासनिक अस्थिरता, श्रमिक आंदोलनों और लॉजिस्टिक्स अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है। इसके परिणामस्वरूप वहां सैकड़ों गारमेंट फैक्ट्रियों में उत्पादन बाधित या पूर्ण रूप से बंद हो गया है। बंदरगाहों और सप्लाई-चेन में रुकावट के कारण अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
इस वैश्विक परिस्थिति ने अमेरिका और यूरोप के बड़े खरीदारों को वैकल्पिक देशों की ओर देखने के लिए मजबूर कर दिया है। यह स्थिति भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर लेकर आई है—विशेषकर रेडीमेड गारमेंट, निट वेअर और फैशन-अपैरल सेक्टर में।
C A I T की टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयर मैनश्री चम्पा लाल बोथरा ने कहा, कि
“वैश्विक खरीदार आज भारत को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रहे हैं। लेकिन यदि गारमेंट उत्पादन के लिए M S M E-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से तैयार होता, तो बांग्लादेश से शिफ्ट हो रहे बड़े ऑर्डर भारत को तुरंत मिल सकते थे।
श्री बोथरा जी ने कहा कि भारत के पास कच्चा माल, विशाल श्रमशक्ति, मजबूत घरेलू बाजार और उद्यमशीलता की बड़ी ताकत है, लेकिन छोटे गारमेंट व्यापारियों और M S M E के लिए किफायती और तुरंत चालू होने योग्य (Plug-and-Play) सुविधाओं की कमी आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
चम्पालाल बोथरा ने बताया कि भारत सरकार की PM-MITRA (Pradhan Mantri Mega Integrated Textile Region & Apparel) योजना का उद्देश्य “5F विज़न — Farm to Fibre, Fibre to Factory, Factory to Fashion, Fashion to Foreign” के तहत भारत को वैश्विक टेक्सटाइल-गारमेंट हब बनाना है।
देश के 7 PM-MITRA पार्क, विशेषकर गुजरात में सूरत-नवसारी क्षेत्र, इस लक्ष्य को साकार करने के लिए सबसे उपयुक्त मंच बन सकते हैं। सूरत पहले से ही यार्न, फैब्रिक, प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल ट्रेड का अंतरराष्ट्रीय केंद्र है।
कपड़ा व्यापार में बढ़ते उत्पादन और घरेलू व निर्यात संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए श्री चम्पा लाल बोथरा ने सरकार से निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
• देश के सभी 7 PM-MITRA पार्कों में M S M E और छोटे गारमेंट व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाए
• रेडी-टू-यूज़ गारमेंट शेड्स का निर्माण कर उन्हें किराये या सरल आवंटन प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाए
• M S M E को Plug-and-Play मॉडल में तुरंत उत्पादन शुरू करने का अवसर मिले
• 2017 की गुजरात टेक्सटाइल नीति सहित राज्य-स्तरीय नीतियों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए
• PM-MITRA पार्कों को केवल फैक्ट्री क्लस्टर नहीं, बल्कि
“Swadeshi Indian Garment Brand Hub” के रूप में विकसित किया जाए—
जहाँ डिजाइन, सैंपलिंग, टेस्टिंग, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स की सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हों
C A I T के अनुसार, यदि देश के सभी 7 PM-MITRA पार्क M S M E-आधारित गारमेंट हब के रूप में विकसित किए जाते हैं, तो—
लाखों नए रोज़गार सृजित होंगे
भारत का गारमेंट निर्यात तेज़ी से बढ़ेगा
स्वदेशी भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक पहचान मिलेगी
टेक्सटाइल सेक्टर का G D P में योगदान और अधिक मजबूत होगा
आगे श्री चम्पा लाल बोथरा ने कहा, कि आज वैश्विक गारमेंट सप्लाई-चेन में जो खाली स्थान बना है, उसे भरने की क्षमता केवल भारत के पास है। लेकिन इसके लिए बड़े निवेशकों के साथ-साथ छोटे M S M E और गारमेंट व्यापारियों को भी बराबर का भागीदार बनाना होगा। PM-MITRA पार्क तभी सफल होंगे, जब वे छोटे उद्यमियों के लिए अवसरों के द्वार खोलेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत, मेक-इन-इंडिया और ‘Brand India’ की असली पहचान बनेगी।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ नरेंद्र प्रताप सिंह कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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