गुजरात प्रदेश पावर ग्रिड बिजली लाइन के विरोध में आने वाली ११ फरवरी को किसानों द्वारा वनीता विश्राम गृह से सूरत शहर जिला कलेक्टर कार्यालय तक विशाल रेली निकलने का आह्वान

२७/०१/२०२६ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

 

गुजरात प्रदेश पावर ग्रिड बिजली लाइन के विरोध में किसानों के द्वारा

ओलपाड के भादोल में बैठक आयोजित किया गया

आगामी 11 फरवरी को सूरत वनिता विश्राम गृह से कलेक्टर कार्यालय तक किसानों की रैली, ताकत दिखाने का ऐलान : 5 हजार किसानों को जुटाने का लक्ष्य*

 

*सूरत, ता. 26*

सूरत जिले के कामरेज, पलसाना, बारडोली, महुवा, अंबिका, ओलपाड, मंगरोल, मांडवी तथा भरूच जिले के हांसोट, अंकलेश्वर, जंबूसर, आमोद और वागरा तालुका के गांवों से पावरग्रिड की बिजली ट्रांसमिशन लाइन गुजर रही है। कई तालुकाओं में कलेक्टर द्वारा किसी भी प्रकार का आदेश जारी नहीं किया गया है, इसके बावजूद पावर ग्रिड कॉरपोरेशन कानून की गलत व्याख्या कर, गलत तरीके से पुलिस बंदोबस्त लेकर जबरन किसानों के खेतों में काम कर रहा है। इसका पूरे किसान समाज द्वारा विरोध किया जा रहा है।

 

इसी विषय को लेकर ओलपाड तालुका के भादोल गांव में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी 11 फरवरी को सूरत के वनिता विश्राम गृह से कलेक्टर कार्यालय तक किसानों की रैली निकालकर ताकत दिखाने का निर्णय लिया गया। इस रैली में लगभग 5 हजार किसानों के एकत्र होने का अनुमान है।

 

वर्तमान में पूरे गुजरात में बिजली ट्रांसमिशन लाइन को लेकर गुजरात किसान संघर्ष समिति द्वारा कई आंदोलन चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिन गांवों से ट्रांसमिशन लाइन गुजर रही है, वहां के किसानों को मार्गदर्शन देने और आगे की रणनीति तय करने के लिए किसान समाज गुजरात के बैनर तले सोमवार को आनंद आश्रम, भादोल (ता. ओलपाड, जिला सूरत) में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

 

बैठक की शुरुआत में दक्षिण गुजरात किसान समाज के अध्यक्ष श्री रमेश पटेल (ओरमा) ने कहा कि देश को आज़ाद हुए 77 वर्ष हो गए, लेकिन सरकार की नीतियों को देखकर आज भी हम पूरी तरह आज़ाद नहीं लगते। किसान समाज किसानों के हित में संघर्ष कर रहा है, इसलिए किसानों को सहयोग देने की आवश्यकता है।

 

इस अवसर पर सहकारी नेता श्री दर्शन नायक ने कहा कि किसानों को पार्टी राजनीति से दूर रहकर किसानों के हित में काम करने वाले किसान समाज को सहयोग देना चाहिए। पूर्व में भी संघर्ष कर किसान समाज ने किसानों को न्याय दिलाया है, इसलिए एक बार फिर किसान समाज पर भरोसा रखकर आंदोलन में जुड़ने की जरूरत है। आने वाले दिनों में ट्रैक्टर रैली आयोजित कर किसानों को अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है।

इस अवसर पर गुजरात किसान समाज के अध्यक्ष जयेश पटेल ने 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संविधान लागू हुए 77 वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन क्या आज हमें संविधान द्वारा दिए गए अधिकार वास्तव में मिल रहे हैं? यह आत्ममंथन का समय है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकार छीने जा रहे हैं और अंबानी-अदानी को लाभ पहुंचाने का काम हो रहा है, जिसका विरोध किया जा रहा है।

उन्होंने राज्य के कलेक्टरों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे अंबानी-अदानी के दलाल बनकर काम करना बंद करें। 1885 का टेलीग्राफ एक्ट अब कचरे की पोटली बन चुका है, फिर भी सरकार उसी के आधार पर काम कर रही है, जिसका किसान समाज तीव्र विरोध करेगा। वटामण से नवसारी, वडोदरा से ओलपाड, अहमदाबाद से ओलपाड सहित विभिन्न ट्रांसमिशन लाइनें किसानों के खेतों से गुजरने वाली हैं, जिससे किसानों की बहुमूल्य जमीन छिन रही है।

 

उन्होंने आगे कहा कि ओलपाड तालुका के 102 गांवों में से एक भी गांव ऐसा नहीं है जो इससे बच पाए। आगामी 11 फरवरी, बुधवार को सूरत के वनिता विश्राम गृह से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। इसमें पूरे दक्षिण गुजरात से लगभग 5 हजार किसानों के एकत्र होने का अनुमान है।

 

इस अवसर पर सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड सहित पूरे दक्षिण गुजरात से प्रभावित किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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