*नरेगा बना कमाई का जरिया? त्यौंथर जनपद में भुगतान पर उठे सवाल*
*‘चढ़ावा’ की चर्चा पर फिर से गरमाया त्यौंथर जप त्यौंथर का माहौल*
त्यौंथर की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों हलचल तेज है। आरोप है कि जनपद पंचायत त्यौंथर में मनरेगा (नरेगा) के बिलों के भुगतान को लेकर बड़ा खेल चल रहा है। जनपद में पदस्थ एएओ किरण सिसोदिया पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि “चढ़ावा” देने वाले बिल्डरों के खातों में ही भुगतान तेजी से किया जाता है, जबकि बिना चढ़ावे के कई बिल्डरों के बिल महीनों से लंबित पड़े हैं।सूत्रों के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया में कथित भेदभाव से कई सरपंच और सचिव असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि विकास कार्य पूर्ण होने के बावजूद राशि जारी नहीं की जा रही, जिससे पंचायत स्तर पर योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा।बताया जा रहा है कि इस संबंध में पूर्व जिला पंचायत सीईओ से भी शिकायत की गई है। चर्चा यह भी है कि पूर्व में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर वसूली राशि का एक प्रकरण पंजीबद्ध होने की बात सामने आई थी, जिसने अब फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर आघात होगा।
अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या लंबित बिलों को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने आता है।
रिपोर्टर
प्रशांत शुक्ला
TN News 24 ✍️
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