गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश में 34 वर्षों से बंद अंबाजी कॉपर प्रोजेक्ट फिर शुरू होगा, सरकार ने बजट में 613 करोड़ रुपये का प्रावधान किया
गुजरात प्रदेश पालनपुर/अंबाजी: गुजरात का प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी अब देश की आर्थिक शक्ति का नया केंद्र बनने जा रहा है। गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GMDC) द्वारा अंबाजी क्षेत्र में लगभग 22,000 करोड़ रुपये मूल्य के तांबा, सीसा और जस्ता के खनिज भंडार को विकसित करने के लिए “अंबाजी कॉपर प्रोजेक्ट” को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह परियोजना वर्ष 1992 से बंद पड़ी थी, यानी पिछले 34 वर्षों से रुकी हुई परियोजना को पुनः शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में 613 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण प्रावधान किया है। यह परियोजना गुजरात का पहला आधुनिक अंडरग्राउंड माइनिंग प्रोजेक्ट होगा।
विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 1 करोड़ टन खनिज भंडार उपलब्ध है, जिससे तांबा, सीसा और जस्ता जैसे खनिजों का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना से देश को विदेशों से आयात होने वाले तांबे पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में भारत अपनी कुल तांबे की आवश्यकता का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अंबाजी कॉपर प्रोजेक्ट देश की कुल तांबे की आवश्यकता का लगभग 20 प्रतिशत तक उत्पादन करने की क्षमता रखता है।
तांबे की मांग इलेक्ट्रिक वाहन (EV), पावर ग्रिड और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेजी से बढ़ रही है। इस परियोजना से इन क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
इस परियोजना के लिए लगभग 185 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन कार्य किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार परियोजना के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्य बिंद- सरकारी बजट प्रावधान: 613 करोड़ रुपये (बजट 2026-27)
– प्रस्तावित खनन क्षेत्र: 185 हेक्टेयर
– अनुमानित खनिज मूल्य: 22,000 करोड़ रुपये
– संभावित रोजगार: 2,200 से अधिक नए रोजगार मिलने की संभावना
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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