गुजरात प्रदेश सुरत शहर के बमरोली क्षेत्र के पीपल्स कोऑपरेटिव बैंक में धन ट्रांसफर रैकेट का पर्दाफाश बैंक मैनेजर की सतर्कता से लगी रोक

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात प्रदेश सूरत शहर के बमरोली क्षेत्र में संदिग्ध बैंक खातों के जरिए धन ट्रांसफर रैकेट का पर्दाफाश

गुजरात प्रदेश सूरत: शहर के बमरोली क्षेत्र में गेमिंग से जुड़े संदिग्ध धन ट्रांसफर रैकेट का खुलासा हुआ है। पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक की पांडेसरा शाखा की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई के चलते यह मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

बैंक स्टाफ को कैसे हुआ शक?

एक ही क्षेत्र से बड़ी संख्या में नए बैंक खाते खुलवाने के लिए लोगों के आने पर बैंक स्टाफ को संदेह हुआ। एक ही दिन में 12 से 15 लोग खाते खुलवाने के लिए पहुंचे, जिससे कर्मचारियों ने सतर्कता बरती।

एक युवक द्वारा खाता खुलवाने के दौरान जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच की गई। बिजली बिल के ग्राहक नंबर को संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर चेक करने पर बिल में दर्शाया गया नाम और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नाम अलग-अलग पाए गए। पूछताछ के दौरान युवक बार-बार बयान बदलता रहा, जिससे संदेह और गहरा गया।

कैसे काम करता था रैकेट?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बमरोली क्षेत्र के लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके लिए फर्जी या फेरबदल किए गए दस्तावेज (जैसे बिजली बिल आदि) का उपयोग किया जाता था।

खाते खुलने के बाद उन्हें सक्रिय कर मध्यप्रदेश से रकम ट्रांसफर की जाती थी। इन लेन-देन को “गेमिंग ट्रांजेक्शन” के रूप में दर्शाकर गूगल पे जैसे माध्यमों से जमा किया जाता था।

दो हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की जाती थी। शक से बचने के लिए कई व्यक्तियों के खातों का इस्तेमाल किया जाता था।

बैंक की कार्रवाई और खुलासा

जांच के दौरान बमरोली क्षेत्र में खोले गए कई खातों में से दो खातों में गूगल पे के माध्यम से दो हजार से तीन लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन पाए गए। सभी संदिग्ध खातों को बैंक द्वारा तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है।

इन खातों में पैसा जमा तो हो सकता है, लेकिन निकासी पर रोक लगा दी गई है। जब संबंधित व्यक्ति पैसे निकालने आए, तो उनसे मूल दस्तावेज मांगे गए, जिन्हें वे प्रस्तुत नहीं कर सके।

सामान्य नागरिकों के लिए सावधानी

अपने दस्तावेज या बैंक खाते की जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें।

लालच में आकर खाता खुलवाने से बचें।

संदिग्ध गेमिंग या ट्रांजेक्शन से दूरी बनाए रखें।

अपने बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन की नियमित जांच करते रहें।

पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन अमित गज्जर ने बताया कि बैंक स्टाफ की सतर्कता के कारण इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और आगे की जांच जारी है।

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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