गुजरात प्रदेश के महीसागर जिले मे शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई
गुजरात प्रदेश महीसागर जिले में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने पढ़ेगा गुजरात के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “समग्र शिक्षा अभियान” के अंतर्गत कक्षा 10 के विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली निःशुल्क स्व-अध्ययन पुस्तिकाएं परीक्षा समाप्त होने के बाद बांटी गईं, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षा 18 तारीख को समाप्त हो गई थी, जबकि स्व-अध्ययन पुस्तिकाओं का वितरण 20 तारीख को किया गया। यानी परीक्षा के दो दिन बाद पुस्तिकाएं वितरित की गईं, जो शिक्षा तंत्र की सुस्ती और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली का स्पष्ट उदाहरण है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लुणावाडा के विधायक ने राज्य सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि गरीब जनता के टैक्स के पैसों का इस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी अपनी स्कूल में भी सभी भाग समय पर नहीं पहुंचे।
जिले के लगभग 14 हजार विद्यार्थियों और पूरे राज्य के करीब 9 लाख विद्यार्थियों के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई ये स्वाध्याय पुस्तिकाएं अब बेकार साबित हो रही हैं। परीक्षा के बाद इन पुस्तिकाओं का कोई उपयोग नहीं रह जाता, जिससे स्कूलों के सामने भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस घटना ने शिक्षा विभाग के कामकाज और समग्र शिक्षा अभियान के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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