गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट
गुजरात पुलिस का ऐतिहासिक निर्णय: अब वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन दो घंटे जनता की शिकायतें सुननी होगी
गुजरात पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री जी.एस. मलिक द्वारा राज्यभर में पुलिस प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। नए आदेश के तहत पुलिस कमिश्नर (CP) से लेकर पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI) स्तर तक के अधिकारियों को प्रतिदिन निर्धारित समय में आम नागरिकों की शिकायतें और समस्याएं सुनना अनिवार्य किया गया है।
इस आदेश के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रतिदिन दो घंटे अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण करेंगे। थाना स्तर पर भी पुलिस अधिकारियों को जनता की समस्याएं सुनने एवं उनका समाधान करने के लिए निश्चित समय निर्धारित करना होगा।
डीजीपी द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सामान्य शिकायतों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर तथा जटिल मामलों का निपटारा अधिकतम 6 सप्ताह के भीतर किया जाना आवश्यक होगा। यदि किसी शिकायत में संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) पाया जाता है तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही प्रत्येक पुलिस कार्यालय एवं थाने में शिकायत रजिस्टर संधारित करना अनिवार्य किया गया है, जिसमें प्राप्त शिकायतों, शिकायतकर्ता के विवरण एवं की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने, शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा नागरिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राज्य के नागरिकों को अब अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अधिक सुलभ एवं उत्तरदायी पुलिस व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 9879 855419
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