विश्व पटल पर चमका प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, पर्यावरणीय क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु यूनेस्को द्वारा प्रदान किया गया प्रतिष्ठित प्लेटिनम ग्रीन स्कूल बैज

संवाददाता अर्जुन रौतेला आगरा। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में भी वह राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का पर्याय बन चुका है। इसी श्रृंखला में विद्यालय को यूनेस्को ग्रीन मेंटर्स एवं ग्रीनिंग एजुकेशन पार्टनरशिप द्वारा ग्रीन स्कूल बैज के अंतर्गत प्लेटिनम स्तर की मान्यता प्रदान की गई है। यह प्रतिष्ठित सम्मान यूनेस्को ग्रीनिंग एजुकेशन पार्टनरशिप के मानकों के अनुरूप जलवायु के प्रति जागरूक शिक्षा, सतत (सस्टेनेबल) परिसर प्रबंधन, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, पर्यावरणीय सोच तथा संपूर्ण विद्यालय के समग्र रूपांतरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के सम्मान में प्रदान किया गया है।

नेशनल ग्रीन स्कूल पार्टनरशिप ग्रीन स्कूल रैंकिंग्स में विद्यालय ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गत तीन वर्षों से वर्ष 24 में अखिल भारतीय स्तर पर तृतीय स्थान, वर्ष 25 में द्वितीय स्थान तथा वर्ष 26 में भी लगातार द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

विद्यालय की प्रमुख हरित विशेषताएँ, जिनके आधार पर विद्यालय नए कीर्तिमान स्थापित करता है –

8.23 एकड़ में फैला शांत एवं हरित परिसर, जिसमें केवल 12% निर्मित क्षेत्र तथा 88% हरित खुले स्थल हैं, जो विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं।

140 KVA क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट, जो स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देता है।

प्रतिदिन 15,000 लीटर क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), जिससे जल संरक्षण एवं पुनर्चक्रण सुनिश्चित होता है।

AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) मॉनिटरिंग स्टेशन, जो परिसर की वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी करता है।

आगरा नगर निगम द्वारा “स्वच्छ शिक्षालय” सम्मान से सम्मानित।

विद्यालय पूर्णतः “नो प्लास्टिक ज़ोन” घोषित है। परिसर में एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। विद्यार्थी प्लास्टिक की पानी की बोतलें एवं प्लास्टिक के लंच बॉक्स का प्रयोग नहीं करते तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किए जाते हैं।

प्रकृति विद्यालय की संस्कृति का अभिन्न अंग है। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालय में पारंपरिक “Good Morning” के स्थान पर “Green Morning”, “Green Afternoon” एवं “Green Thank you” जैसे पर्यावरण-अनुकूल अभिवादन का प्रयोग किया जाता है। यह अनूठी पहल विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, सम्मान एवं जिम्मेदारी की भावना को निरंतर सुदृढ़ करती है।

पर्यावरण संरक्षण, जलवायु जागरूकता एवं सतत विकास को विद्यालय की शिक्षण प्रक्रिया और दैनिक गतिविधियों का अभिन्न अंग बनाया गया है।

विद्यालय के उद्यान विभिन्न प्रकार के 1000 से अधिक पेड़-पौधों से सुसज्जित हैं।

विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान पूरे विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत, पर्यावरण के प्रति समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी सतत विकास, जलवायु संरक्षण एवं पर्यावरणीय नवाचारों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करता रहेगा तथा विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील, जिम्मेदार एवं जागरूक वैश्विक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 886886846

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gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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