गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन से प्रभावित किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पर किया प्रदर्शन, नई मुआवजा नीति वापस लेने की मांग
सूरत, 22 जुलाई।
सूरत जिले के विभिन्न तालुकों से बड़ी संख्या में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन से प्रभावित किसान सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और राज्य सरकार की नई मुआवजा नीति के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नई मुआवजा गाइडलाइन को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल विभाग द्वारा जारी नई मुआवजा नीति किसानों के हितों के खिलाफ है। इस नीति में ट्रांसमिशन टावर, बिजली लाइन कॉरिडोर, फसल नुकसान तथा भूमि के बाजार मूल्य में होने वाली कमी का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने मांग की कि भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही ट्रांसमिशन लाइन के कारण प्रभावित भूमि के लिए पर्याप्त मुआवजा, फसल नुकसान का भुगतान तथा किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किया जाए।
प्रदर्शन में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि ट्रांसमिशन लाइन और टावरों के कारण जमीन की उपयोगिता और बाजार मूल्य दोनों प्रभावित होते हैं। इसलिए सरकार को नई मुआवजा नीति में संशोधन कर किसानों को न्यायसंगत मुआवजा देना चाहिए।
इस अवसर पर गुजरात किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जयेश भाई पटेल, किसान नेता दर्शन कुमार नायक, सुमुल डेरी के पूर्व डायरेक्टर, श्री जयेश भाई पटेल , दक्षिण गुजरात किसान समाज के अध्यक्ष रमेशभाई पटेल, सूरत जिला किसान समाज के प्रमुख परिमलभाई पटेल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित रहे।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो पूरे गुजरात में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
Updated Video





Subscribe to my channel




