गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
नीट और यूजी परीक्षा विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दिया इस्तीफा, छात्रों के हित को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार दशकों से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा देश की युवा शक्ति और उनकी आकांक्षाओं का सदैव सम्मान किया है।
अपने सार्वजनिक बयान में उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया। साथ ही भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया।
उन्होंने बताया कि 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों तथा अभिभावकों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्य किया गया। 21 जून 2026 को परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और 16 जुलाई को घोषित परिणामों में अनेक गरीब एवं मेधावी विद्यार्थियों को सफलता मिली।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से कभी पीछे हटने का प्रयास नहीं किया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और स्थिति को भटकाने की कोशिश से वे अत्यंत व्यथित हैं।
उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी विवादों या भ्रम की स्थिति में नहीं फंसना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई और भविष्य निर्माण पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे आगे भी देश की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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