आगरा/फतेहपुर सीकरी में बुधवार को ईद मिलाद-उन-नबी का त्योहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की पैदाइश की याद में तेहरा दरवाजे़ से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें हजारों अकीदतमंद शामिल हुए।
यह जुलूस तेहरा दरवाजे़ से शुरू होकर मैन बाज़ार, बस स्टैंड चौराहा,शाहकुली होते हुए बुलंद दरवाज़ा चंदे पर पहुंचा, जहां इसका शांतिपूर्ण ढंग से समापन हुआ। अकीदतमंदों ने नात-ए-पाक पढ़ते हुए पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं को याद किया और अमन, इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे तथा आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
जुलूस में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। वे हाथों में धार्मिक झंडे और बैनर लिए आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं कीं। मुख्य चौराहे को झंडों, झालरों और हरी पट्टी से सजाया गया था।
क्यों मनाई जाती है ईद मिलाद उन नबी? जानिए इस दिन क्या करने का होता है महत्व
26 अगस्त 2026 को ईद मिलाद-उन-नबी का त्योहार मनाया गया। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत ही विशेष महत्व रखता है। इस दिन को इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी उल अव्वल की 12 वीं तारीख को पैंगंबर मुहम्मद साहब के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और जुलूस निकाला जाता है। इसके अलावा मस्जिदों में नमाज अदा होती है और कुरान का पाठ किया जाता है। इस दिन लोग पैंगंबर मुहम्म्द साहब के बताए रास्ते पर चलने का प्रयास करते हैं।

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