अर्जुन रौतेला आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार को खंदारी परिसर स्थित जे.पी. ऑडिटोरियम में तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘थर्ड इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड प्रैक्टिस (ICMRP-2026)’ का भव्य शुभारंभ हुआ। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न विषयों के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘सतत विकास एवं नवाचार’ रखा गया है।

सम्मेलन का संयुक्त आयोजन कोशांबी फाउंडेशन इंडिया, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंसेज, जैव प्रौद्योगिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान विभाग तथा नीलम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एंड हॉस्पिटल द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बहुविषयक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रौद्योगिकी और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में नए शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देना है।
प्रथम दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत पंजीकरण, सरस्वती वंदना और आमंत्रित वक्ताओं के परिचय के साथ हुई। पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने शोध अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने और विभिन्न विषयों के बीच आपसी सहयोग को समय की आवश्यकता बताया।

उद्घाटन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा सम्मेलन की स्मारिका के आवरण पृष्ठ का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति एवं सम्मेलन की मुख्य संरक्षक प्रो. आशु रानी, प्रो. बीएस शर्मा, प्रो. आरके अग्निहोत्री, प्रो. धर्मेंद्र आहूजा, रोहन उप्पल और डॉ. रवि शेखर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कृषि विज्ञान विभाग की प्रभारी एवं सम्मेलन संयोजक डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी एवं संयोजक डॉ. मोनिका अस्थाना ने सम्मेलन की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कोशांबी फाउंडेशन इंडिया के सचिव लक्ष्य चौधरी ने बहुविषयक अनुसंधान, शैक्षणिक सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र में डॉ. हिरावती देवल, डॉ. आनंद के. गुप्ता, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र सिंह रणवेरिया, सीए दिव्यांशु जैन तथा मानव रचना विश्वविद्यालय, फरीदाबाद के बेसिक साइंसेज विभाग के प्रोफेसर डॉ. अर्पित सैंड ने अपने विचार प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने शोध की नई संभावनाओं, वैज्ञानिक नवाचार और विभिन्न शैक्षणिक विषयों के समन्वय पर जोर दिया।
शैक्षणिक सत्रों के बाद आयोजित हाई-टी के पश्चात शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। एडवोकेट संजय कुमार के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने सम्मेलन को विशेष रंग प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ।
सम्मेलन के प्रथम दिवस का संचालन डॉ. स्वेतलाना ने किया। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के
आगामी सत्रों में भी विभिन्न विषयों पर शोध पत्रों, वैज्ञानिक विचारों और नवाचार संबंधी अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461
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