आगरा:– किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए किसानों की सिंचाई की गूलों पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने तथा अभिलेखों में दर्ज गूलों को निकलवाने के लिए सिस्टम सुधार संगठन (किसान) लंबे समय से लड़ाई को लड़ रहा है, लेकिन तहसील प्रशासन व जिला प्रशासन अभी तक समस्याओं के समाधान करने से बच रहा था,

संगठन के लगातार प्रयास के चलते सिस्टम सुधार संगठन (किसान) द्वारा पूर्व में दिए गए ज्ञापनो के संदर्भ में आज तहसील प्रशासन एत्मादपुर की तरफ से नायब तहसीलदार महोदय हेमंत चौधरी जी की अध्यक्षता में हल्का लेखपाल राहुल आजाद व सहायक लेखपाल मुनेंद्र शर्मा द्वारा अभिलेखों के अनुसार सिंचाई की गुलों की पैमाइश की गई तथा

अतिक्रमण को हटाने की बात कही गई, आपको बता दें कि पिछले कई सालों से सिस्टम सुधार संगठन (किसान) द्वारा चावली रजवाह से एत्मादपुर को आने वाले सिंचाई के बंबे से (मौजा सवाई) मंगलपुर से भवाइन को जाने वाले सड़क के किनारे गूल खसरा संख्या 106 तथा चकरोड खसरा संख्या 107 में अभिलेखों में दर्ज है, लेकिन वर्तमान में गूल पर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसके चलते क्षेत्र के सैकड़ो किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, तथा पानी पूरी तरह से खारा है एवं यह क्षेत्र डार्क जोन घोषित है, वहीं दूसरी सिंचाई की गूल जो कि मोजा सिकतरा में स्थित है यह गूल भी चावली राजवाह से एत्मादपुर को जाने वाले सिंचाई के बंबे से निकली है, जो की चकरोड के सहारे स्थित है, इस सिंचाई की गूल का खसरा संख्या 166 है तथा चकरोड का संख्या 167 है, जो की अभिलेखों में दर्ज है, एक अन्य गूल जो की मंगलपुर से भवाइन को जाने वाली रोड से जाने वाले पश्चिम की तरफ स्थित चकरोड जो की किशनलाल के खेत की तरफ जाता है, पर सिंचाई की गूल स्थित है गूल का खसरा संख्या 100 है तथा चकरोड का 99 है , तीनों ही सिंचाई की गूलों का मौका मायना तथा पैमाश कराई गई है, तथा नायब तहसीलदार हेमंत चौधरी ने कहां है कि तीनों ही गूलों को तत्काल प्रभाव से निकल जाएगा ओर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा, नायब तहसीलदार द्वारा यह भी कहा गया कि मंगलपुर से भवाइन जाने वाली रोड के सहारे स्थित गूल पर अंडरलाइन पाइपलाइन भी डाली जा सकती है, जो भवाइन में स्थित तालाब तक जाएगी अर्थात कुल मिलाकर किसानों की सिंचाई का समस्या का समाधान किया जाएगा, 2 दिन के अंदर गूलों को निकाला जाएगा, इसके लिए वीडियो एत्मादपुर को निर्देशित किया जाएगा, संगठन द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि किसानों की सिंचाई की गूलों को निकाला नहीं गया तो पुनः आंदोलन किया जाएगा तथा 23 फरवरी को नगला लाले में होने वाली किसान पंचायत में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा । इसके साथ ही गांव सवांई के किसान ओमवीर सिंह की जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण तथा अवैध रूप से किया कब्जे को हटाने को लेकर भी तहसील तथा जिला प्रशासन को संगठन द्वारा कई बार ज्ञापन तथा धरना प्रदर्शन किए गए लेकिन बार-बार टीम गठित कर दी जाती है तथा मौका मायना किया जाता है, पैमाईश की जाती है, लेकिन किसान को उसकी अपनी जमीन नही दी जाती है, क्योंकि कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से किसान की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है, खसरा संख्या 484/2 में किसान का नाम अभिलेखों में दर्ज है तथा पेत्रक रूप से मालिक है, इसके बावजूद भी दूसरे लोगों किसान की जमीन पर दबंगई से कब्जा कर रखा है इसको लेकर भी आज नायाब तहसीलदार महोदय ने मौका मायना किया तथा कहा कि इस समस्या का समाधान भी जल्द कर दिया जाएगा । इस दौरान संगठन की तरफ से मुख्य रूप से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष रामवीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष पवन सिसोदिया, जिला संरक्षक चरण सिंह नेताजी, जिला उपाध्यक्ष टिंकू पुंडीर, जिला सचिव योगेंद्र सिंह, नरसिंहपाल सिंह, जगबीर बघेल, किशनलाल सिंह, ज्वाला प्रसाद बघेल, ओमवीर सिंह, सोमवीर सिंह, हरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, कल्याण सिंह आदि लोग उपस्थित रहे ।
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