अर्जुन रौतेला। बाँदा के अपर जिलाधिकारी (राजस्व) राजेश कुमार वर्मा पर पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी की निजी डायग्नोस्टिक संस्था को फायदा पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और ADM को पद से हटाने की मांग की है। शालिनी पटेल ने कहा है कि यह मुद्दा किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का नहीं बल्कि लोकतंत्र की नींव से जुड़े ‘हितों के टकराव’ का है, जो सेवा शुचिता और प्रशासनिक मर्यादा को खुलेआम चुनौती दे रहा है।

पत्र में बताया गया है कि ADM वर्मा की पत्नी डॉ. संगीता पटेल Ms Shiv Krishna Diagnostic Centre नामक संस्था में 30% हिस्सेदारी रखती हैं, जो बाँदा शहर के श्री निवास विला में संचालित है— वही भवन जिसमें ADM स्वयं रहते हैं। इसी संस्था की साझेदारी डीड 13 सितंबर 2024 को संपन्न हुई। आरोप है कि ADM वर्मा ने जिस क्षेत्र में यह संस्था संचालित है, वहाँ ‘मेडिकल ज़ोन’ में विकास योजना के तहत लगभग 42 लाख रुपये का प्रशासनिक व्यय स्वीकृत कराया, जिससे हितों के टकराव और पक्षपात की स्थिति बनती है। पत्र के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया न सिर्फ नैतिक प्रश्न खड़े करती है बल्कि ‘सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन’ है।

जदयू ने यह भी आरोप लगाया कि ADM और उनकी पत्नी की प्रचारित तस्वीरों से प्रशासनिक गरिमा और निष्पक्षता की छवि को भी ठेस पहुँची है। 5 मार्च 2025 को मंडला आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल बांदा को पार्टी ने ज्ञापन सौंपा था उत्तर प्रदेश के मख्यमंत्री को , और 4 जुलाई को मंडला आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल बांदा को विस्तृत पत्र भेजा गया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। शालिनी पटेल ने दो टूक कहा— “सरकारी कुर्सी अब सेवा नहीं, सुविधा और संबंधों की सीढ़ी बनती जा रही है। हम चुप नहीं बैठेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जदयू प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ेगी। खबर लिखे जाने तक ADM बाँदा या जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
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