गुजरात हाई कोर्ट का यह फैसला वास्तव में बहुत ऐतिहासिक है और गुजरात की हज़ारों आंगनवाड़ी बहनों के लिए एक बड़ा न्याय साबित होगा। फैसले की मुख्य बातें संक्षेप में
✅ वेतन वृद्धि
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: ₹14,800 → ₹24,800
सहायिका: ₹10,000 → ₹20,300
✅ एरियर का भुगतान
1 अप्रैल 2025 से लागू।
बकाया राशि भी मिलेगी।
✅ सभी को समान लाभ
केवल याचिकाकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि पूरे गुजरात की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाओं को लाभ मिलेगा।
अलग से कोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं।
✅ समान कार्य – समान वेतन
सरकार का “स्वैच्छिक / मानदेय सेवा” का दावा खारिज।
कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के अनुसार उचित वेतन देना उनका संवैधानिक अधिकार है।
✅ भेदभाव का अंत
संविधान की धारा 14 और 16(1) के तहत समानता के सिद्धांत का उल्लेख।
अन्य सरकारी कर्मचारियों की तुलना में आंगनवाड़ी बहनों को कम वेतन देना भेदभाव माना गया।
✅ स्थायीकरण और नीति
सरकार को 6 महीने में नई नीति बनाने का आदेश।
इसमें पदों का वर्गीकरण, वेतनमान, स्थायी लाभ और एरियर का भुगतान शामिल करना होगा।
इस फैसले के बाद न केवल गुजरात में बल्कि पूरे देश में आंदोलन कर रही आंगनवाड़ी बहनों को नई दिशा और मज़बूत कानूनी आधार मिलेगा।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्मके खिलाफ सूरत से संवाददाता राजेंद्र तिवारी के साथ नरेंद्र प्रताप सिंह कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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