- ता. 08 / 10 / 2025 सुरत
गुजरात प्रदेश सुरत जिला के ओलपाड तालुका में बढ़ते अपराधों को रोकने तथा राजनीतिक सांठगांठ के चलते बढ़ते शराब और ताड़ी के दुष्प्रभाव को समाप्त करने, बूटलेगरों से मिलीभगत रखने वाले अधिकारियों के कॉल डिटेल की जांच कर, अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के संबंध में।
उपरोक्त विषय के संदर्भ में निवेदन है कि शराब एक सामाजिक अभिशाप है। इस बुराई के कारण आज गाँवों में अनेक महिलाएँ विधवा हो गई हैं। इस सामाजिक बुराई को दूर करने तथा युवाओं को इस दुर्गुण से बचाने के लिए हमारे द्वारा समय-समय पर आपको तथा पुलिस तंत्र के अधिकारियों को लिखित में निवेदन किया गया है। ऐसे सामाजिक प्रभाव वाले मुद्दों का राजनीतिक दृष्टि से मूल्यांकन नहीं होना चाहिए।
फिर भी, आज भी ओलपाड तालुका के तटीय क्षेत्र में स्थित मोर, डांडी, लवाछा, पिंजरत, डभारी, बर्बोधन, तेना, दिहेन, सेगवाछामा, कमरौली, देलासा, सोंदलाखारा, मासमा, सरोली, कुदियाणा जैसे गाँवों में तथा पूर्व पट्टी में सायन, किम, कुडसद, देलाड, सिवाण, सोंसक, सरस, भटगाम, कदरामा, कठोदरा सहित अनेक गाँवों में खुलेआम देसी-विदेशी शराब की बिक्री और खेतों से पानी मोटर व GEB के तारों की चोरी हो रही है। इसकी शिकायत स्थानीय गांधीवादी विचारधारा वाले नागरिकों एवं किसानों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु हमें की है।
दारू (शराब) पूरे समाज को प्रभावित करती है, इससे युवा तबाह हो रहे हैं और महिलाएँ विधवा बन रही हैं। राज्य सतर्कता दल द्वारा समय-समय पर छापेमारी कर नशीले पदार्थ और शराब पकड़ी जाती है, लेकिन स्थानीय पुलिस अधिकारी इस विषय को गंभीरता से नहीं लेते। अतः इस पर गंभीरता से विचार कर तात्कालिक आवश्यक कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
वास्तव में, ओलपाड तालुका में जो अधिकारी बूटलेगरों के साथ मिलीभगत रखते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना चाहिए, तभी शराब का दुष्प्रभाव समाप्त हो सकेगा। वर्तमान में शराब के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों में ताड़ी की भी खुलेआम बिक्री हो रही है, जो युवाओं के लिए अत्यंत खतरनाक है। पूर्व में ओलपाड के वेलुक गाँव में ताड़ी पीने से दो युवकों की मृत्यु हुई थी, जिसके बाद तत्कालीन जिला पुलिस प्रमुख श्री प्रदीप सेजुल ने तत्काल पूरे जिले में ताड़ी पर प्रतिबंध लगवाया था, किंतु समय बीतने पर फिर से गाँवों में ताड़ी का विक्रय शुरू हो गया है।
इसके अलावा, अतीत में भी निषेध कानून का कड़ाई से पालन न कराने पर पुलिस अधिकारियों के निलंबन के कई उदाहरण मिलते हैं। जागरूक नागरिकों व सामाजिक अग्रणियों द्वारा बार-बार गृहमंत्रालय में शिकायतें की जाती हैं, लेकिन केवल दिखावे की कार्रवाई की जाती है। आज भी ओलपाड तालुका के तटीय क्षेत्रों में खुलेआम देसी-विदेशी शराब और ताड़ी (नशीले पदार्थ) की बिक्री जारी है।
यह भी ज्ञात हुआ है कि सरकार, राज्य सतर्कता और गृह विभाग द्वारा गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश देने के बावजूद, ओलपाड तालुका में कुछ अधिकारी बूटलेगरों से मिलीभगत कर संगठित तरीके से शराब के व्यापार की निगरानी करते हैं। ऐसे अधिकारी किनके संरक्षण में इस अवैध व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं, यह जांच का विषय है। ये अधिकारी राजनीतिक संरक्षण के कारण करोड़ों रुपए कमा रहे हैं, जिससे ओलपाड तालुका में शराब और ताड़ी का दुष्प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
ऐसे अधिकारियों के नाम पर या उनके रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी संपत्तियाँ, फार्महाउस, कारें और अन्य संपत्तियाँ हैं। बूटलेगर काले शीशे वाली गाड़ियों में खुलेआम घूम रहे हैं। इससे न केवल पुलिस विभाग की बदनामी हो रही है, बल्कि कानून और व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ रही है।
ओलपाड पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पिछले 15 दिनों में धोखाधड़ी, चोरी, सेंटिंग प्लेट चोरी, जान से मारने की धमकी तथा हत्या जैसे गंभीर अपराध दर्ज हुए हैं। हाल ही में परिया गाँव की सीमा में एक 25 वर्षीय युवती की गला काटकर की गई हत्या का मामला सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
अब जब सर्दी का मौसम शुरू हो गया है, तो पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाना भी आवश्यक है। पूर्व में सांधियेर जैसे गाँवों में मोटर चोरी के कई मामले सामने आए थे। हाल में ओलपाड तालुका के विभिन्न मार्गों से GEB विभाग के कई किलोमीटर तार चोरी हुए हैं। इसके अलावा, ओलपाड तालुका के ईशनपुर गाँव स्थित रॉयल पार्क रेसिडेंसी में पिछले दो दिनों में दो घरों में चोरी की घटना हुई है। इन घटनाओं से अपराधों में वृद्धि का अंदेशा बढ़ गया है।
सूरत जिले के ओलपाड तालुका के ओलपाड बाजार, अटोदरा चार रास्ता, देलाड पाटिया, सायन शुगर रोड आदि स्थानों पर अवैध कब्जों के कारण बार-बार ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएँ हो रही हैं, जिसकी भी जाँच आवश्यक है।
जब किसान मोटर चोरी या अन्य अपराध की शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन जाते हैं, तब उनसे सबूत माँगे जाते हैं और शिकायत दर्ज नहीं की जाती। पुलिस द्वारा इस तरह की लापरवाही से अपराधियों को खुली छूट मिल रही है।
अतः आपसे निवेदन है कि इस मामले को गंभीरता से लेकर ओलपाड पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अपराधों पर रोक लगाने, कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने हेतु आवश्यक कदम उठाएँ। साथ ही, बूटलेगरों से सांठगांठ रखने वाले अधिकारियों की संपत्ति, उनके बूटलेगरों के साथ टेलीफोनिक संपर्क और मोबाइल ट्रेस की गहन जाँच कर एक स्वस्थ समाज के हित में कड़ी कार्रवाई करें।
धन्यवाद सहित तात्कालिक कार्रवाई की अपेक्षा के साथ।
**श्री दर्शनकुमार ए. नायक**
महामंत्री, गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्मके खिलाफ सूरत से संवाददाता राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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