१९/११/२०२५ सूरत गुजरात
सूरत जिले के मांड़वी तालुका के करंज, समोसाद, हरियाल तथा मांगरोल तालुका के लिंडीयाद गाँव में सरकारी गौचर भूमि पर अवैध पक्के सड़क निर्माण के संबंध में जांच करवा कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने हेतु
उपरोक्त विषय के संदर्भ में, हमें स्थानीय ग्रामजनों द्वारा प्राप्त प्रस्तुतीकरण के आधार पर निवेदन करना है कि सूरत जिले के मांड़वी तालुका के करंज, समोसाद, हरियाल तथा मांगरोल तालुका के लिंडीयाद गाँव में सरकारी गौचर भूमि (ग्राम की चरागाह भूमि) पर ग्राम पंचायत के संबंधित पदाधिकारियों के मेलापी व्यवहार, सरकारी नीतिनियमों के विपरीत तथा प्रशासन की वैध अनुमति के बिना पक्की सीमेंट-कंक्रीट/डामर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य स्थानीय ग्रामजनों को विश्वास में लिए बिना तथा गौचर भूमि के मूल उद्देश्य के विपरीत किया जा रहा है, जो कि गुजरात सरकार की “गौचर नीति–2015”, “गुजरात ग्राम पंचायत अधिनियम–1961” तथा “गुजरात भूमि महसूल संहिता की धारा 61-ए” का स्पष्ट उल्लंघन है।
माननीय गुजरात उच्च न्यायालय तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कई मामलों (जैसे – *Jagpal Singh vs. State of Punjab, 2011* तथा गुजरात उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णय) में गौचर भूमि पर किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण/अतिक्रमण को अवैध घोषित करते हुए इसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। माननीय गुजरात उच्च न्यायालय के निर्णय (उदा. SCA/12851/2018) में भी गौचर भूमि में सड़क/निर्माण कार्य अवैध माना गया है।
इस अवैध निर्माण से पशुपालकों, किसानों तथा ग्रामजनों के हितों को गंभीर क्षति पहुँच रही है तथा गौचर भूमि का दुरुपयोग हो रहा है।
अतः ग्रामजनों द्वारा प्राप्त आवेदन के अनुरूप निम्न मांगें आप महोदय के समक्ष प्रस्तुत हैं:
हमारी प्रमुख मांगें
मांड़वी तालुका के करंज, समोसाद, हरियाल तथा मांगरोल तालुका के लिंडीयाद—इन चारों गाँवों की गौचर भूमि पर चल रहा अवैध पक्का सड़क निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए। जहाँ-जहाँ गौचर भूमि में सड़कें बना दी गई हैं, वहाँ उन्हें हटाकर भूमि को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए तथा अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए।
उपरोक्त चारों गाँवों में तत्काल मामलतदार महोदय / तालुका विकास अधिकारी महोदय द्वारा स्थल निरीक्षण करवाकर विस्तृत निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार किया जाए।
चारों गाँवों की ग्राम पंचायत के सरपंच, तलाठी-कम-मंत्री तथा अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध विभागीय तथा दंडात्मक (फौजदारी) कार्रवाई की जाए।
अतिरिक्त रूप से निवेदन है कि उपरोक्त गाँवों में गौचर भूमि पर किया गया यह अवैध निर्माण भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 441 (अवैध प्रवेश) एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, क्योंकि उक्त भूमि गौचर के रूप में दर्ज है और उसका उपयोग केवल पशुओं की चराई हेतु ही किया जा सकता है। अतः पुलिस विभाग को भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई हेतु निर्देशित करने की विनती है।
मेरी यह संपूर्ण प्रस्तुति गौचर भूमि के संरक्षण एवं ग्रामजनों के मौलिक अधिकारों से संबंधित अत्यंत संवेदनशील एवं तात्कालिक मामले से जुड़ी है। अतः इसे अत्यंत प्राथमिकता के साथ लेते हुए जनहित में तत्काल उचित कार्रवाई का कष्ट करें।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्मके खिलाफ सूरत से संवाददाता राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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