०१/०२ /२०२६ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश के सूरत शहर में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सी.आर. पाटिल द्वारा उद्घाटित 34 करोड़ रुपये का ब्रिज शोभा के गाठिया जैसा साबित हो रहा है
ब्रिज से उतरते ही रास्ता बंद है वाहन चालकों को यू-टर्न लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।कनेक्टिंग रेलवे क्रॉसिंग ओवरब्रिज का 56% काम अधूरा होने के कारण यह ब्रिज फिलहाल फिसलन भरी पट्टी जैसा बन गया है।*इस ब्रिज को लेकर शासन और नगर निगम की आलोचना होने के बाद अब सूरत भाजपा का पूरा संगठन ब्रिज के प्रमोशन में जुट गया है।इसके पीछे कारण यह है कि नए ब्रिज के सामने रेलवे लाइन को क्रॉस करने वाला कनेक्टिंग ब्रिज अभी तक बना ही नहीं है।जिसके चलते वाहन चालक 600 मीटर का ब्रिज पार करने के बाद फस जाते हैं।जब सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना और किरकिरी से बचने के लिए सूरत के मेयर दक्षेश मवाणी, शहर भाजपा अध्यक्ष परेश पटेल और भाजपा के कॉर्पोरेटर रात में ब्रिज के प्रमोशन के लिए मौके पर पहुँचे 2019 में सिद्धार्थ नगर रेलवे ब्रिज का काम मंजूर हुआ था, लेकिन अब भी 56% काम बाकी है, जो इन शासकों को दिखाई नहीं दिया ओर जल्दबाजी में 600 मीटर लंबे ब्रिज का लोकार्पण कर दिया गया तब से सोशल मीडिया पर आलोचना होना चालू हुआ जिसके बाद बम भाजपा के नेता ब्रिज की सड़कों पर नजर आ रहे हैं।
रेलवे ओवरब्रिज को सात साल बीत जाने के बावजूद अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है।
इस देरी के कारण परियोजना की मूल लागत 59 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 74 करोड़ रुपये हो गई।
यानी प्रशासन की लापरवाही के कारण जनता की मेहनत की कमाई के 15 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हो गए।
अब महानगर पालिका के मेयर दावा कर रहे हैं कि इस ब्रिज से औद्योगिक क्षेत्र की 1800 यूनिटों को फायदा हुआ है।
अब तक ये औद्योगिक यूनिट किसी को दिखाई नहीं देती थीं, लेकिन इज्जत बचाने के लिए अचानक औद्योगिक यूनिट भी दिखाई देने लगी हैं।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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