गुजरात हेड राजेंद्र सिंह कि खास रिपोर्ट
फैब्रिक से फैशन तक— AI युग में भारतीय टेक्सटाइल का नया मोड़*
*भारत मंडपम् की प्रदर्शनी से SITEX तक — अवसर भी, चुनौती भी चम्पालाल बोथरा (CAIT)*
नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आयोजित प्रदर्शनी में इस बार Artificial Intelligence (AI) की स्पष्ट प्रधानता देखने को मिली। उत्पादन योजना, रियल-टाइम क्वालिटी कंट्रोल, डिजिटल डिजाइन एनालिटिक्स और स्मार्ट ऑटोमेशन ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि उद्योग तेजी से तकनीक आधारित मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
वहीं सूरत में Southern Gujarat Chamber of Commerce & Industry (SGCCI) द्वारा आयोजित SITEX प्रदर्शनी में आधुनिक मशीनरी ने यह दर्शाया कि टेक्सटाइल सेक्टर अब केवल फैब्रिक निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े स्तर पर रेडी-टू-वेयर गारमेंट उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ेगा।
प्रमुख मशीनें:
• 490 cm 4-पना हाई-स्पीड रैपियर लूम
• डिजिटल टेक्सटाइल प्रिंटिंग मशीन
• डिजिटल हीट ट्रांसफर मशीन
• कम्प्यूटरीकृत एम्ब्रॉयडरी मशीन
*परिवर्तन का दौर — अवसर भी, चुनौती भी*
चम्पालाल बोथरा का वक्तव्य
तकनीकी बदलाव अनिवार्य है, लेकिन यदि छोटे और मध्यम व्यापारी समय रहते स्वयं को अपडेट नहीं करेंगे तो उद्योग को नुकसान भी हो सकता है।
AI और ऑटोमेशन उत्पादन को तेज़ और किफायती बना रहे हैं, पर पारंपरिक इकाइयों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ेगा।
जो टेक्नोलॉजी नहीं अपनाएंगे, वे गुणवत्ता, लागत और समयबद्ध डिलीवरी में पीछे रह जाएंगे।
इसलिए यह समय उत्साह के साथ-साथ सतर्क रणनीति बनाने का है। हमें घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात बाजार में भी संगठित रूप से आगे बढ़ना होगा।”
टेक्नोलॉजी अपनाने में देरी बाजार हिस्सेदारी में कमी
ऑटोमेशन से कार्यप्रणाली में बदलाव
ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन अनिवार्य
निर्यात के लिए गुणवत्ता और समयबद्धता आवश्यक
यह बदलाव भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए अवसर भी है और चेतावनी भी।
समय के साथ चलने वाला उद्योग ही भविष्य में टिकेगा।टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
Updated Video




Subscribe to my channel




