फतेहपुर सीकरी सूफी संत हजरत शेख सलीम चिश्ती के सालाना उर्स में दो दिवसीय रंग-ए-सूफियाना आयोजन में दूसरे दिन बुधवार दोपहर कव्वाली की महफिल सजी। कव्वाल अल्लाह नूर एवं साथियों ने कई कलाम व कव्वाली पेश की। ऐ हजरत सलीम , चिश्ती, किसके दर पे जाये हम किसको सुनाएं हेल गम, खुसरो के दर से आए हैं हम सुनाया कर खूब दाद बटोरी।

दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा अरशद फरीदी चिश्ती की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में एंकर शाजिया अलीम ने भक्ति के रंग प्रस्तुत करने वालों का परिचय कराया। आओ री सखी सब मंगल गायै, एरी सखी मोरे पिया घर आए सुनाया।

हजरत सलीम चिश्ती की दरगाह के शाही कव्वाल सलीम हसन व साथियों ने अमीर खुसरो की चर्चित एवं मशहूर कव्वाली, मो से नैना मिलाइ के, छाप तिलक सब छीनी। बलि-बलि जाऊं मैं तौपै रंग रिजवा, आपही सी रंग दीनी मोसे नैना मिलाइके सुनाकर श्रोताओं को स्वर में स्वर मिलाने पर मजबूर कर दिया। कवित्री एवं सायरा डॉक्टर नीता पांडे ने भी प्रस्तुति दी। हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में आयोजित रंग ए सूफियाना (भक्ति के रंग) में पर्यटक एवं जायरीनों ने भी खूब लुफ्त उठाया। कार्यक्रम में आगरा लखनऊ एवं दिल्ली से भी लोग शामिल हुए।
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