गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सुरत जिले के खजोद सॉलिड वेस्ट साइट पर बार-बार लग रही भीषण आग को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग
सूरत: गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के महामंत्री श्री दर्शकुमार ए. नायक द्वारा गुजरात सरकार, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) तथा सूरत महानगरपालिका (SMC) के संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर खजोद सॉलिड वेस्ट साइट पर बार-बार लग रही भयानक आग के मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रेस नोट में बताया गया है कि खजोद स्थित सॉलिड वेस्ट साइट पर 02/02/2026 को लगी आग को बुझाने में 6 दिन लगे थे, जबकि हाल ही में फिर से भीषण आग लग गई है, जो अभी तक जारी है। इस आग के कारण लाखों टन कचरे, विशेषकर प्लास्टिक के जलने से गंभीर वायु प्रदूषण फैल रहा है, जिससे शहर की हवा खराब हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
बताया गया है कि पहले भी GPCB द्वारा सूरत महानगरपालिका को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन SMC और उसके ठेकेदार द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते यह स्थिति दोबारा उत्पन्न हुई है। इस घटना को अत्यंत संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कचरे में आग लगाकर सबूत नष्ट करने और करोड़ों के बिल पास कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग 5000 टन कचरे के अवैध निपटान के मामले में बनाई गई जांच समिति ने तीन महीने बीत जाने के बावजूद साइट का निरीक्षण तक नहीं किया है, जो प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
इस आग के कारण आसपास के क्षेत्रों में धुआं फैल रहा है, AQI में वृद्धि हुई है और नागरिकों को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इसे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया गया है।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1. GPCB द्वारा तत्काल स्थल पर जाकर वायु के नमूने लेकर कार्रवाई की जाए और दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
2. सूरत महानगरपालिका के खिलाफ ठोस और प्रभावी पर्यावरणीय कार्रवाई की जाए।
3. पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन न करने पर SMC के खिलाफ सॉलिड वेस्ट नियम और एयर एक्ट के तहत कार्रवाई हो।
4. SMC के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ Environment (Protection) Act, 1986 और Air Act, 1981 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
5. संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर उसके भुगतान पर रोक लगाई जाए तथा विजिलेंस जांच कराई जाए।
6. पूरे मामले की ACB द्वारा जांच कर भ्रष्टाचार के पहलुओं को उजागर किया जाए।
श्री नायक ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो वे उच्च न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।
अंत में उन्होंने सूरत के नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए तत्काल कठोर कदम उठाने की मांग की है।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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