आगरा की पहचान विश्व में ताजमहल से और देश में भीमनगरी से : चंद्रशेखर आजाद

अर्जुन रौतेला आगरा। मंच पर आते ही आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जोशीला अभिवादन कर जानता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आगरा की पहचान विश्व में ताजमहल से है पर हमारे लिए शहर की भीमनगरी से है। आगरा से पहली बार डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जाने के बाद 1957 में उनके विचारो और संदेश को प्रचारित करने के लिए शोभायात्रा निकाली। मैं मुख्य अतिथि नहीं बल्कि आपके परिवार का हिस्सा हूँ। जब जरूरत पड़ेगी आपके साथ खड़ा हूँ। बाबा साहेब पहले ऐसे महापुरुष है जिनकी जयंती पूरे विश्व में वहाँ की सरकारे मनाती है। भारत से पहले दुनिया ने उन्हें सिंबल ऑफ़ नॉलेज माना। साहेब ने कहा था की उन्हें पूजने की नहीं पढ़ने की जरूरत है। मेरी निष्ठा भारतीय संविधान में है इसलिए आपकी बात रखने के लिए लोकसभा में हूँ।

आगरा में बाबा साहेब के आँशु टपके थे। उन्होंने कहा था मुझे पढ़े लिखे लोगो ने धोखा दिया। बाबा साहब को सबने छोड़ दिया था पर बाबा साहब ने हमे अंतिम समय तक नहीं छोड़ा। बाबा साहब हमारे सच्चे मसीहा है।

बाबा साहब ने महिलाओं से लेकर हर कमजोर और मजबूत के लिए हक़ की लड़ाई लड़ी और अधिकार दिया। महापुरुष मार जाते है अगर उनके विचारो का प्रचार प्रसार ना हो। बाबा साहब आगरा में आज भी ज़िंदा है। अम्बेडकर जी के विचारो को हमे पहले उत्तर प्रदेश में फिर में देश में ज़िंदा करना है।

चंद्रशेखर ने कहा कि कहीं के प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री हो। सबको बाबा साहेब को राजनीति में आने के लिए सलाम करना होगा। हम कमजोरी के पहरेदार है। बाबा साहब के अधूरे कार्य को हम लोग मिलकर पूरा करेंगे।

आगरा नगर निगम के बारे में कहा कि आगरा के जूता कारखानों पर 25 से अधिक कारीगर पर टैक्स लगा दिया है। नगर निगम अपना टैक्स वापस ले इसके लिए वो उनसे आग्रह करते है अन्यथा वो आंदोलन करने करेंगे पर अपने लोगो का खून नगर निगम को चूसने नहीं देंगे।

चंद्रशेखर ने कहा की मैं तो आपकी बात करने आया हूँ, मन की बात तो रेडियो पर प्रधानमंत्री कर ही रहे है। चंद्रशेखर को केंद्रीय व क्षेत्रीय समिति के पदाधिकारियों ने स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। संचालन ऋषि कुमार ने किया। धन्यवाद मीडिया प्रभारी डॉ. विमल आगरावाला ने दिया।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461

Follow us on →     
No Slide Found In Slider.

Updated Video
 
gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

    Related Posts

    दसवीं की परीक्षा 2026 में प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल का शत-प्रतिशत परिणाम — मेहनत, अनुशासन और संस्कारों की विजय

    संवाददाता अर्जुन रौतेला। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, आगरा ने एक बार पुनः शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए दसवीं की बोर्ड परीक्षा 2026 में शत-प्रतिशत परिणाम अर्जित किया है। यह उपलब्धि…

    भीमनगरी समारोह आयोजन समिति ने बौद्ध रीति-रिवाज से कराया दहेज रहित विवाह

    अर्जुन रौतेला आगरा। ग्यासपुरा क्षेत्र के भीमनगरी आयोजन के दूसरे दिन गुरुवार को 101 जोड़े बौद्ध रीति रिवाज से एक-दूजे का हाथ थाम हमसफर बने। शहर के ही नहीं दूर-दराज…

    Leave a Reply