खाद्य तेल की पैकेजिंग में वजन कम करने और भाव बढ़ाने को लेकर गुजरात प्रदेश कांग्रेस महा मंत्री श्री दर्शन कुमार ए नायक ने मुख्यमंत्री सचिवालय में की शिकायत

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

खाद्य तेल की पैकेजिंग में वजन घटाने तथा कीमत बढ़ाने से उपभोक्ताओं के साथ ठगी

पैकेजिंग तेल में वजन कम किया गया, लेकिन कीमत कम नहीं करने पर मुख्यमंत्री से शिकायत

गुजरात में खाद्य तेल की पैकेजिंग में वजन घटाने, बढ़ती कीमतों, “श्री-फ्लेशन” तथा तेल मिलरों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ की जा रही कथित ठगी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुजरात प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री दर्शन नायक द्वारा मुख्यमंत्री सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई गई है।

शिकायत में बताया गया है कि गुजरात देश के प्रमुख खाद्य तेल उत्पादक राज्यों में से एक है। राज्य में मूंगफली और कपास का बड़े पैमाने पर उत्पादन होने के बावजूद आम जनता को खाद्य तेल अत्यधिक महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से स्वास्थ्य और आयात खर्च कम करने के उद्देश्य से तेल के उपयोग में कमी लाने की अपील की गई थी। यह विचार राष्ट्रहित और स्वास्थ्यहित में उचित एवं सराहनीय है। लेकिन दूसरी ओर गुजरात में खाद्य तेल व्यापारियों और तेल मिलरों द्वारा पैकेजिंग में “श्री-फ्लेशन” जैसी पद्धति अपनाकर उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

पहले खाद्य तेल 15 किलो या 15 लीटर की पैकेजिंग में उपलब्ध होता था। अब अधिकांश ब्रांड्स ने पैकेजिंग घटाकर 12.5 किलो, 13 किलो अथवा 13 लीटर तक कर दी है। लेकिन पैकेजिंग का वजन कम होने के बावजूद कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं की गई। इसके विपरीत बाजार में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यह स्थिति आम उपभोक्ताओं के हितों के साथ सीधा आर्थिक अन्याय है।

गुजरात में वर्ष 2025-26 के दौरान मूंगफली का अनुमानित उत्पादन 64 से 66 लाख मीट्रिक टन के बीच दर्ज किया गया है। राज्य देश के कुल मूंगफली उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। वहीं 65 से 70 प्रतिशत मूंगफली का उपयोग खाद्य तेल उत्पादन में किया जाता है। इसके बावजूद बाजार में खाद्य तेल के खुदरा दाम 2361 रुपये से बढ़कर 2918 रुपये तक पहुंच गए हैं।

कपास का उत्पादन भी इस वर्ष लगभग 82.48 लाख गांठ दर्ज किया गया है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में कच्चे माल की कोई गंभीर कमी नहीं है, फिर भी उपभोक्ताओं को महंगे दाम चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इस मामले को लेकर उपभोक्ताओं के हित में सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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